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15 साल की कमीशनखोर भाजपा सरकार के नेताओं को ढाई साल का हिसाब पूछने का नैतिक अधिकार नहीं - कांग्रेस

15 साल की कमीशनखोर भाजपा सरकार के नेताओं को ढाई साल का हिसाब पूछने का नैतिक अधिकार नहीं - कांग्रेस


जांजगीर चांपा, 18/06/2021

17 जून को छत्तीसगढ़ राज्य के भूपेश सरकार का ढाई वर्ष पूर्ण हो गया है। जिस पर भाजपा के नेतागण जनता के बीच जाकर ढाई साल के कार्यकाल का हिसाब पूछ रहे हैं। भाजपा नेताओं द्वारा विधानसभा 2018 के चुनाव में कांग्रेस के जन घोषणा पत्र को दिखाकर एक पर्चे में कुछ सवाल लिखकर जनता के बीच वितरण कर हिसाब मांगा जा रहा है। इस पर भाजपा नेताओं के हिसाब पूछने पर जिला कांग्रेस प्रवक्ता शिशिर द्विवेदी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि 15 साल के कमीशन खोर, किडनी और बच्चादानी निकालने वाली, निर्दोष जनता के आंख फोड़ने वाली, तिहार के नाम पर जनता की गाढ़ी कमाई लूटने वाली भाजपा सरकार के मुखिया रहे रमन सिंह, बृजमोहन अग्रवाल, अजय चंद्राकर, नेता प्रतिपक्ष धरम लाल कौशिक, विधायक गण को भूपेश सरकार के ढाई साल के हिसाब और प्रश्न पूछने का नैतिक अधिकार नही हैं। राज्य के आदिवासी युवा अभी भूले नहीं हैं कि आऊट सोर्सिंग कर उन्हे कैसे बेरोजगार बनाया गया? राज्य के किसान परिवार अभी नहीं भूले हैं कि उन्हें 2100 रुपए समर्थन मूल्य और 300 रुपए बोनस आज तक नहीं मिला। 12 वीं पास छात्रों को 500 रुपए बेरोजगारी भत्ता कब दिया गया? 138 वर्ष से लागू शराब नीति को रमन सिंह परिवार के चहेते किन शराब माफिया के इशारे पर बदली गई? आदिवासी परिवारों को 10 लीटर दूध देने वाली गाय कब मिला? एक गांव एक प्रहरी योजना में किनको रोजगार मिला? किसानों को 5 हॉर्स पावर का मुफ्त पंप एवं ब्याज मुक्त ऋण कब दिया गया? किन भू माफियाओं को लाभ पहुंचाने के लिए छोटे भू खंडो की रजिस्ट्री और डायवर्सन कार्य बंद किया गया था? गोवध प्रतिबंध, पशुधन संवर्धन के नाम पर कितनी बड़ी राशि की बंदरबांट की गई? भाजपा के नेतागण छत्तीसगढ़ की जनता को पहले अपने 15 साल के कार्यकाल का हिसाब देकर, इन सवालों के जवाब दे और अपनी कथनी को पूरा न कर पाने की माफी मांगे। साथ ही अपने शीर्ष नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह का उद्योगपति गौतम अदानी और मुकेश अंबानी से हुए अपने गोपनीय करार (एग्रीमेंट) को देश की जनता के समक्ष उजागर करें, तब जाकर भूपेश सरकार से ढाई साल का हिसाब पूछने का नैतिक अधिकार प्राप्त होगा। देश को महामारी और मंहगाई के आज में झोंकने वाली भारतीय जनता पार्टी और उसके नेता पहले आत्म विश्लेषण करना चाहिए फिर जनता के बीच जाना चाहिए।