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खडगवा एवं चिरमिरी महिला बाल विकास परियोजना में समूहों से अधिकारियों के कमीशन को लेकर भारी रोष व्याप्त

खडगवा एवं चिरमिरी महिला बाल विकास परियोजना में  समूहों से  अधिकारियों के  कमीशन को लेकर भारी रोष व्याप्त

खडगवा, 27 अक्टूबर। कोरिया जिला के खडगवा विकास खंड का महिला बाल विकास परियोजना खडगवा का कार्यालय किसी ना किसी बात को लेकर सुर्खियों में रहते आ रहा है और अब तो आगनबाड़ी केंद्रों मे वितरण किये जाने वाला रेडी टू ईट के  संचालन करने वाले समूहों को जाच के नाम पर परेशान  किया जा रहा है परियोजना खडगवा में पदस्थ परियोजना अधिकारी द्वारा सेक्टरों के समूहों को आगनबाड़ी केंद्रों में रेडी टू ईट का वितरण प्रत्येक माह किया जाता है और इसके निर्माण में परियोजना की सेक्टर की सुपरवाइजर के संरक्षण में  रेडी टू ईट का वितरण किया जा है और  निर्माण सामाग्री के मिलान कराने के नाम पर समूहों से राशि की मांग की जाती है और दो से तीन हजार रुपये कि राशि ली जाती है और समूहों द्वारा के  बिल के नाम पर कार्यालय में पदस्थ अधिकारी  को भी पांच से दस हजार रुपये की मांग की जाती है।

 खडगवा विकास खंड परियोजना में थकमीशन की राशि की मांग धडल्ले से की जाती अगर समूहों के द्वारा इतनी राशि नहीं देने की बात कही जाती है तो प्रभारी परियोजना अधिकारियों चिरमिरी के द्वारा उन्हें  कार्रवाई करने के लिए डराया धमकाया जाता है विकास खंड के समूह जाच के डर से एवं समूह निरस्त ना करने के डर से कमीशन की राशि का भुगतान कर रहे हैं।  प्रभारी परियोजना अधिकारी  के आंतक से समूहो के अध्यक्ष सचिव सदस्यों मे काफी भयभीत महशूस कर रहे  है।

चिरमिरी परियोजना के सूत्रों से मिली जानकारी से की परियोजना अधिकारी द्वारा आगनबाड़ी कार्यकर्त्ताओ से भी  प्रत्येक माह राशि कि वसूली कि जाती है ये जानकारी मिल रही है

चिरमिरी खडगवा परियोजना में रेडी टू ईट की कमीशन के कारण समूह के लोगों मे परियोजना के प्रति अंदरूनी भारी विरोध है कमीशन की राशि अगर प्रत्येक माह की नहीं पहुंची तो अधिकारी का वसूली कर्ता संदेश पहुचना शुरू हो जाता है जिस समूह के द्रारा राशि पहुंचाने में विलंब हुआ तो  उसकी की जांच करने सुपरवाइजर सवयं पहुंच जाती हैं और ये कहते हुए जाच करने पहुंचते हैं कि तुम्हारी शिकायत हुई है। 

 परियोजना अधिकारी चिरमिरी अपने परियोजना में तो जो हो रहा है वो सवयं एवं चिरमिरी की जनता और वहां की आगनबाड़ी कार्य कर्ता ही बतायेंगे कि इस परियोजना अधिकारी के कार्य शैली से ही लगता है कि इनके परियोजना में चल रहे रेडी टू ईट फूड कि कितनी गुणवत्ता युक्त निर्माण किया जा रहा है वहां पर भी समूहों से कमीशन वसूली का कार्य चल रहा है।

इस से खडगवा एवं चिरमिरी के समूहों में कमीशन को लेकर भारी रोष व्याप्त है अगर विभागीय अधिकारियों द्वारा इस पर अंकुश नहीं लगाया गया तो ये विरोध कभी भी फूट सकता है।