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दैनिक सम्यक क्रांति का अभिनव प्रयास : स्वर्गीय रुद्र प्रसाद रूप स्मृति साहित्य एवं संगीत सम्मान समारोह आयोजित

दैनिक सम्यक  क्रांति का अभिनव प्रयास :  स्वर्गीय रुद्र प्रसाद रूप स्मृति साहित्य एवं संगीत सम्मान समारोह आयोजित

एस. के."रूप"

बैकुंठपुर/ हमारे सपनों को सच करने का करने का अविस्मरणीय प्रयास है स्वर्गीय रूद्र प्रसाद "रूप" स्मृति साहित्य एवं संगीत सम्मान समारोह। रचनात्मक प्रतिभा के धनी अपनी अलग-अलग विधाओं में प्रतिभागियों ने मंच पर सम्मान ग्रहण करते हुए प्रसन्नता के साथ अपनी भावनाएं उपरोक्त शब्दों में व्यक्त किए।

होटल गंगा  बैकुंठपुर के सभागार में आयोजित कलाकारों के विशेष सम्मान समारोह में स्वर्गीय रूद्रप्रसाद रूप स्मृति स्वरचित कविता गीत/ ग़ज़ल  की प्रस्तुति एवं गायन प्रतियोगिता में पूरे देश के पुरस्कृत प्रतिभाओं का सम्मान कार्यक्रम आयोजित कर किया गया।


 कार्यक्रम संचालक महेश मिश्रा ने सर्वप्रथम अंचल के राजनीतिक स्तंभ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव योगेश शुक्ला,कोरिया जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष  नजीर अजहर,पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष शैलेष शिवहरे, तथा अंचल के वरिष्ठ कवि एवं कथाकार बीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, साहित्यकार एवं योग गुरु सतीश उपाध्याय को ससम्मान मंच पर आमंत्रित किया साथ ही जनपद पंचायत अध्यक्ष सौभाग्यवती सिंह कुसरो एवं दैनिक सम्पक क्रांति की मुख्य महाप्रबंधक श्रीमति लीना धूरिया को मंच पर आमंत्रित कर महिला शक्ति की प्रेरणा को आमंत्रित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की धूप-दीप आराधना से अतिथियों ने कार्यक्रम सफलता का आशीर्वाद मांगा।भोला प्रसाद मिश्रा ने सरस्वती वंदना एवं शुभांक सुर्वे की टीम ने राज्य गीत "अरपा पैरी के धार महानदी हे अपार" की प्रस्तुति को उपस्थित जन समुदाय द्वारा तालियों की करतल ध्वनि के साथ प्रारंभ किया गया।

मंचासीन अतिथियों का कुमारी कोमल एवं कुमारी आरती द्वारा पुष्पगुच्छ एवं बैच लगा कर सम्मान किया।अंचल के प्रतिष्ठित विद्वान साहित्यकारों, कलाकारों तथा प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के सदस्य साहित्यकार वीरेंद्र श्रीवास्तव, भोला प्रसाद मिश्र,रूद्र नारायण मिश्रा,योगेश गुप्ता, ज्योत्सना जैन, ताहिर आज़मी,महेश मिश्रा,शैलेंद्र श्रीवास्तव एवं गायन के लिए शुभांक सुर्वे के साथ विशेष निर्णय एवं व्यवस्था हेतु दुष्यंत कुमार, आयुष नामदेव एवं अलीशा शेख को विशेष रूप से उनके श्रेष्ठ योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

दैनिक सम्यक क्रांति के निदेशक सम्वर्त कुमार "रूप" द्वारा स्वागत उद्बोधन एवं कार्यक्रम की रूपरेखा के साथ स्वर्गीय रुद्र प्रसाद "रूप" की जीवन यात्रा एवं सामाजिक योगदान की भूमिका की जानकारी प्रस्तुत की गई।महामहिम राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र माने जाने वाले पंडो जाति के आदिवासियों की सन् 1966 में पंडो विकास समिति गठित कर उनके विकास के लिए किए गए कार्यों की प्रशंसा की गई,उन्होंने कहा कि उनके पुत्र होने पर मुझे गर्व है और सामाजिक बदलाव के जो अधूरे कार्य रह गए हैं उन्हें पूरा करना हम सब का कर्तव्य है।


 प्रतियोगिता संयोजक अलीशा शेख ने स्वरचित कविता प्रस्तुति, गीत प्रस्तुति एवं गायन विधा के देश के अलग.अलग रचनाकारो, कलाकारों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए सम्मान प्राप्त करने वाले प्रतिभागी कलाकारों को बधाई दी। सांत्वना सम्मान से सम्मानित स्वनाकारों कलाकारों को मंच पर आमंत्रित कर मेडल एवं सम्मान से मंचासीन अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया

वहीं प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों में से स्वरचित गीत गज़ल प्रतियोगिता में मनेंद्रगढ़ के रचनाकार रमेश गुप्ता को प्रथम पुरस्कार, अनमोल सिंह सलूजा को द्वितीय एवं कटनी के आनंद जैन अकेला को तृतीय पुरस्कार दिया गया।

लगातार तालियों की गड़गड़ाहट के मध्य कविता विधा में कोरबा के हिमांशु चतुर्वेदी प्रथम,रायपुर के रोशन कुमार द्वितीय एवं जांजगीर चांपा के लक्ष्मीकांत वैष्णव को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।इसी तरह गायन विधा की उभरती प्रतिभा अंबिकापुर की ऋतिका सिंह श्याम को प्रथम, बिलासपुर के रामकुमार तिवारी को द्वितीय एवं चिरमिरी की कोमल को तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।


समारोह में मंचासीन अतिथियों में योगेश शुक्ला ने अपने उद्बोधन में स्वर्गीय रूद्र प्रसाद रूप को याद करते हुए कहा-" मेरे परम श्रध्देय रुद्र जी की स्मृति में आज का यह आयोजन उनकी स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का अच्छा प्रयास है, नई प्रतिभाओं के सपनों को सच करने के इस प्रकार के प्रयास में मैं हमेशा आपके साथ तन-मन-धन से जुड़ा रहूंगा! श्री रूप अद्भुद विलक्षण प्रतिभा के धनी रहे उनके साथ पारिवारिक सम्बन्ध रहे है और मैंने हमेशा उनका स्नेह पाया है ।

मंचासीन कांग्रेस जिला अध्यक्ष नजीर अजहर ने श्री रूप को याद करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार  के विरुद्ध लड़ने तथा आदिवासियों के विकास का जो जज्बा जोश और जुनून रुद्र जी में था उसी आदर्श को आगे बढ़ाने का प्रयास नई पीढ़ी कर रही है,यह प्रसन्नता की बात है, सामाजिक बदलाब में उनके जो काम शेष रह गए हैं उसे आगे बढ़ाने का सिलसिला दैनिक सम्यक क्रांति जारी रखेगा यह मेरा विश्वास है, नई पीढ़ी की प्रतिभा को सामाजिक सम्मान दिलाने का आज का प्रयास सराहनीय है।

देवराहा बाबा सेवा समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व नपा अध्यक्ष शैलेष शिवहरे ने अपने उद्बोधन में सम्मानित कलाकारों को बधाई देते हुए कहा की नई पीढ़ी को आगे लाने और उनकी प्रतिभा को निखारने के इस प्रयास में मैं हमेशा आपके साथ रहूंगा इस तरह के आयोजन होते रखना चाहिए श्री रूप जी को बचपन से देखा है बहुत करीब से जाना है वो परहित में जीने वाले व्यक्ति रहे है कभी खुद के लिए नही सोचा कोरिया हित के लिए भी उन्होंने आंदोलन किया था उनकी रैली जुलूस हड़ताल एक निश्चित लक्ष्य के लिए ही हुआ करती थी जो थी जनसेवा।

वरिष्ठ साहित्यकार वीरेंद्र श्रीवास्तव ने स्वर्गीय रुद्र प्रसाद रूप के पुराने दिनों को याद करते हुए एवं सम्यक संपर्क अखबार के कॉलम में लिखी रविंद्र नाथ टैगोर की पंक्तियों को प्रस्तुत करते हुए कहा स