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आचार्य महाश्रमण समेत सभी संतों का संसदीय सचिव विधायक जगदलपुर ने सादर अभिनंदन किया

आचार्य महाश्रमण समेत सभी संतों का संसदीय सचिव विधायक जगदलपुर ने सादर अभिनंदन किया

 जगदलपुर। जैन समाज के आराध्य सन्त आचार्य महाश्रमण जी की अहिंसा यात्रा का सोमवार को छत्तीसगढ़ की सीमा कोंटा में पदार्पण हुआ आंध्रप्रदेश से उनका काफिला छत्तीसगढ़ में प्रवेश हुआ। कोंटा में आचार्य  महाश्रमण जी का गाजे बाजे के साथ भव्य स्वागत हुआ आंध्रप्रदेश से छत्तीसगढ़ आवमन पर रेखचंद जैन संसदीय सचिव विधायक जगदलपुर के उनकी अगवानी करते हुए आचार्य  महाश्रमण जी एवं सभी सन्तोकी अगवानी करते हुए सादर अभिनंदन किया।


 उनकी अहिंसा यात्रा का उद्देश्य अहिंसा परमोधर्म है वे प्रतिदिन 15 कि. मी. तक कि पदयात्रा कर रहे है। आचार्य महाश्रमण जी पूर्व में लालकिला से अहिंसा यात्रा शरू की थी,उनकी यह यात्रा राष्ट्रीय ही नहीअंतराष्ट्रीय होकर सम्पूर्ण मानवता को अहिंसा से प्रेरित करने वाली है।

 यह पहला अवसर है जब कोई जैन आचार्य पदयात्रा करते हुए अंतराष्ट्रीय  क्षेत्र को स्पर्श कर रहे है। आचार्य महाश्रमण जी देश के सम,बंगाल,बिहार,मध्यप्रदेश,ओडिसा संहित नेपाल में अहिंसा यात्रा निकाल चुके है।


आज सारा संसार हिंसा के महाप्रलय से भयभीत और आतंकित है।जाति उन्माद,साम्प्रदायिक विद्वेष ऐसे कारण है जो हिंसा को बढ़ावा दे रहे हैं इन्ही कारणों से  आचार्य श्री महाश्रमण जी अहिंसा यात्रा के माध्यम से शांति स्थापित करने की दिशा में लगातार पदयात्रा कर रहे हैं।इस अहिंसा यात्रा में आचार्य श्री महाश्रमण जी कर साथ लगभग 100 से अधिक जैन संतो एवं श्रावकों का  काफिला चल रहा है।


 छत्तीसगढ़ प्रवेश के अवसर पर रेखचंद जैन संसदीय सचिव विधायक जगदलपु,महेंद्र धाड़ीवाल,नरेंद्र दुग्गड़,राजकुमार लोढ़ा,किशनलाल डाकलिया,राजेन्द्र डागा, अभय बरड़िया, विमल सुराना, सुशील बरड़िया, संतोष जैन, संगीता जैन,विनय टाटिया, निर्मल लोढ़ा सहित सैकड़ों श्रावक साथ ही सुधीर पांडे,नामिद अली,नूर अली,साहिल खान,सैफ अली,वहीदुल्ला खान,टी पवन कुमार सहित स्थानिय समाज के सभी गणमान्य नागरिक शामिल थे।