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RSS : डाॅ. पूर्णेन्दु सक्सेना प्रांत संघचालक बने, पूर्व प्रांत संघचालक बिसराराम यादव विदा हुए, आरएसएस में बड़ा बदलाव, कार्यकारिणी में भी हुए बदलाव

RSS : डाॅ. पूर्णेन्दु सक्सेना प्रांत संघचालक बने, पूर्व प्रांत संघचालक बिसराराम यादव विदा हुए, आरएसएस में बड़ा बदलाव, कार्यकारिणी में भी हुए बदलाव

जनधारा समाचार
रायपुर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानि आरएसएस में बड़ा बदलाव हुआ है. अस्थि रोग विशेषज्ञ डाॅ. पूर्णेन्दु सक्सेना अब प्रांत संघचालक होंगे. पूर्व प्रांत संघचालक बिसराराम यादव ने अपने पद से निवृत्त होने की घोषणा की. उसके बाद यह दायित्व डाॅ. सक्सेना को सौंपा गया. इसी तरह प्रांत कार्यकारिणी में भी कुछ बदलाव हुए हैं.


उपरोक्त जानकारी प्रान्त प्रचार प्रमुख कनिराम ने दी. उन्होंने बताया कि 3 वर्ष में सम्पन्न होने वाले निर्वाचन में निवृत्तमान प्रान्त संघचालक बिसराराम यादव ने अपने कार्यकाल के पूर्ण होते ही निवृत्त होने की घोषणा की. इसके पश्चात डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, अस्थिरोग विशेषज्ञ का प्रान्त संघचालक के रूप में सर्वसम्मति से निर्वाचन सम्पन्न हुआ.

जानते चलें कि आरएसएस के प्रदेश पदाधिकारियों की एक बैठक आज रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान में संपन्न हुई जिसमें पूर्व प्रांत संघचालक बिसराराम यादव ने अपने पद से निवृत्त होने की घोषणा की. जिसके बाद डाॅ. पूर्णेन्दु सक्सेना को प्रांत संघचालक की जिम्मेदारी देेने की घोषणा हुई. डाॅ. सक्सेना बचपन से ही संघ से जुड़े रहे. उन्होंने कई दायित्वों का निर्वहन किया. उनके स्वर्गीय पिता भी आरएसएस से जुड़े रहे. डाॅ. पूर्णेन्दु सक्सेना राजधानी में स्थित वीवाॅय हास्पिटल के संचालक भी हैं. डाॅ.सक्सेना ने अपनी स्कूली और चिकित्सकीय शिक्षा रायपुर से पूरी की और उसके बाद 1996 में वे लंदन चले गए जहां उन्होंने राॅयल लीवरपुल हास्पिटल और न्यू केटल रीजन में अपनी सेवाएं दी. 2004 में वे स्वदेश लौट आए तथा अपोलो हास्पिटल में अपनी सेवाएं दीं.

छत्तीसगढ़ प्रांत की कार्यकारिणी में भी कुछ आंशिक बदलाव किए गए हैं. अब तक सह कार्यवाह रहे शेखर देवांगन प्रांत कार्यवाह होंगे जबकि प्रांत व्यवस्था प्रमुख घनश्याम सोनी होंगे. जिला स्तर पर भी पदाधिकारियों को नई जिम्मेदारी दी गई है. आगामी मार्च में कर्नाटक के बंगलुरू में 19-20 मार्च को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की प्रतिवर्ष होने वाली अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक होनी है. इसके पहले यह बदलाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है.