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दर्दनाक : हाथियों ने कल रात ले ली तीन ग्रामीणों की जान, छह लाख मुआवजा की घोषणा, फसल और घरों को पहुंचाई क्षति, दो महीने में एक दर्जन से ज्यादा लोग प्रभावित

दर्दनाक : हाथियों ने कल रात ले ली तीन ग्रामीणों की जान, छह लाख मुआवजा की घोषणा, फसल और घरों को पहुंचाई क्षति, दो महीने में एक दर्जन से ज्यादा लोग प्रभावित

जशपुर. जिले में हाथियो का आतंक रूकने का नाम नही ले रहा. नतीजन जान माल की क्षति होना जारी है. आश्चर्य कि जिला प्रशासन इसके सामने असहाय लग रहा है. खबर है कि बीती रात जशपुर जिले के पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के दो अलग-अलग गांव के तीन ग्रामीणों को हाथी ने कुचलकर मार डाला.

घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है. ग्रामीण डरे हुए हैं और सरकार को इस घटना के लिये जिम्मेदार मानते हैं. सूत्रों ने बताया कि पहली घटना पत्थलगांव से लगभग 20 किलोमीटर दूर डूमरबहार मे घटी है. दिलसाय राम चौहान पिता सिरजू राम चौहान (55) रविवार को मजदूरी करने के लिये अपने गांव सराईटोला से डूमरबहार गया हुआ था। काम करने के बाद रात के 7 से 8 बजे के बीच जंगल के रास्ते से सराईटोला लौट रहा था। इसी दौरान दिलसाय का सामना जंगल के डबरी मे पानी पी रहे हाथी से हो गया. हाथी ने दिलसाय को सूंड़ से पकड़कर जमीन में पटककर अपने पैर से सिर को कुचल दिया जिससे दिलसाय की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।

एक अन्य घटना में पत्थलगांव वन परिक्षेत्र के झिमकी गांव की है जहां हाथी ने दो बुजुर्गो को मौत के घाट उतार दिया. बिती रात जगत राम पिता छतर राम (62) को अपने घर के बाहर कुछ आवाज सुनाई दिया जिसके बाद वह घर से बाहर निकला इसी दौरान रास्ता पार कर रहे दो हाथियो मे से एक हाथी ने जगत राम पर हमला कर दिया जिससे उसकी घटना स्थल पर ही मौत हो गई। इसी गांव के करू पिता संत राम (65) रात के लगभग 9 बजे शौच के लिये घर से बाहर गया हुआ था जहां उसका सामना दो हाथियो से हो गया। उसमे से एक हाथी ने करू को पटककर पैर से कुचल दिया जिससे बुजुर्ग की घटना स्थल पर ही मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग के अधिकारी घटना स्थल पर पहुंच गये हैं। वन विभाग मृतक के परिजनो को तात्कालिक आर्थिक सहायता के रूप मे 25 हजार रूपये दे रहा है। प्रकरण तैयार होने के बाद पुन: पांच लाख पचहत्तर हजार रूपये मृतक के निकटतम वारिश को दिया जायेगा.