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पुलिस फोटोग्राफर रामगोपाल पटेल हुए सेवा निवृत, हजार शब्दों के समान होता एक चित्र

 पुलिस फोटोग्राफर रामगोपाल पटेल हुए सेवा निवृत, हजार शब्दों के समान होता एक चित्र

रायपुर। पुलिस विभाग में  फोटो एवम् वीडियोग्राफी का कार्य बहुत ही अर्थपूर्ण एवम् सराहनीय है।अपराध के घटना स्थल की फोटोग्राफी अपराध के अनुसंधान का सब से महत्वपूर्ण भाग होता है।दुर्ग जिले में फोटोग्राफी शाखा की स्थापना सन् 1984 के अंतिम महीनो में जिले के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एवम् सेवा निवृत अति पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्रद्धेय स्व  विजय शंकर चौबे जी भा. पु.से.  के प्रयासों का ही  परिणाम है। जिसे पुलिस मुख्यालय भोपाल मध्यप्रदेश द्वारा जिले के पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई में स्थापित की गई थी।

सन् 1985 जनवरी से विभाग में अपनी सेवा प्रारंभ कर  रामगोपाल पटेल द्वारा फोटो एवम् वीडियोग्राफी का कार्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में बड़ी लगन,मेहनत,उत्साह, निष्ठा, इमानदारी एवम् पूरी  व्यवसायिक दक्षता के साथ व्ही व्ही आई पी आगमन एवम् कार्यक्रम,श्रमिक आंदोलन,धरना प्रदर्शन, घटना दुर्घटना, संदिग्ध परिस्थितियों में मृत्यु व्यक्तियों के पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी, त्योहार,जुलूस,आगजनी के साथ साथ थानों  के अंतर्गत होने वाले विभिन्न प्रकार के मर्ग तथा चोरी,डकैती,लूट,हत्या, हत्या का प्रयास,आत्महत्या जैसे गंभीर अपराधों के घटना स्थलों की फोटो एवम् वीडियोग्राफी के माध्यम से महत्वपूर्ण साक्ष्य संकलित कर अनुसंधान कर्ता अधिकारी को  अपराध के अनुसंधान में सार्थक सहयोग करने का कार्य किया जाता  रहा । 

 पटेल,फोटोग्राफर के रूप में   जिले की फॉरेंसिक टीम का हिस्सा बन कर तत्कालीन वरिष्ठ  वैज्ञानिक अधिकारी फॉरेंसिक(एफ. एस. एल) श्रद्धेय  स्व डा बी.पी.मैथिल जी के साथ दुर्ग जिले के अलावा छत्तीसगढ़ के अन्य जिलों में भी वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार गंभीर अपराधों के घटना स्थलों में पहुच कर आवश्यक एवम् सार्थक  कार्यों को किया जाता रहा।

पटेल के द्वारा थाना राजहरा के अंतर्गत घटित एक गंभीर अपराध  के   घटना स्थल से लिए गए फोटोग्राफ को आल इंडिया फॉरेंसिक कांफ्रेंस जो 2008 को  कोलकाता  में आयोजित की गई थी में पेपर प्रजेंटेशन के समय उक्त फोटोग्राफ को सम्पूर्ण भारत में  बेस्ट घोषित किया गया। अनेकों प्रकरणों में फोटो एवम् वीडियोग्राफी के द्वारा संकलित महत्वपूर्ण   सबूतों को  न्यायालय द्वारा सराहा गया। 

37वर्ष  की सेवा में करीब 28 वर्ष तत्कालीन

फॉरेंसिक के वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी  के साथ लगभग 10,000  गंभीर अपराध स्थलों के अनुसंधान में  पटेल   के द्वारा  महत्वपूर्ण एवम् सराहनीय सहयोग किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों के द्वारा समय समय पर  पटेल को उत्कृष्ट एवम् सार्थक  तथा सराहनीय कार्यों के लिए सैकड़ों बार पुरुष्कृत एवम् सम्मानित किया गया है।

फोटोग्राफर रामगोपाल पटेल को  सब से पहले बड़ा पुरुस्कार 1987में मध्यप्रदेश शासन के तत्कालीन वरिष्ट कैबिनेट एवम् दुर्ग जिले  के  प्रभारी मंत्री  श्रद्धेय    स्व डा   कन्हैया लाल शर्मा जी ने  उत्कृष्ट फोटोग्राफी के लिए पुलिस महानिदेशक मध्यप्रदेश भोपाल के माध्यम से   दिया गया था।  पटेल को सीन आफ़ क्राइम की   अर्थपूर्ण एवम्  सार्थक फोटोग्राफी में  सराहनीय सेवा   के लिए 26जनवरी2014 को राष्ट्रपति पदक से सम्मानित किया गया। 

फोटोग्राफर पटेल के  द्वारा वरिष्ट अधिकारियों की प्रेरणा से  सम्पूर्ण   सेवा काल के अंतिम 4 वर्षो में अपने कार्यों के अलावा अलग अलग विषयों में ( अपराधिक घटना स्थलों से संबंधित ) पुलिस विभाग के लिए उपयोगी सरल हिंदी भाषा में रंगीन सचित्र (6) विभिन्न पुस्तकों क्रमश: (1) दम घुटने से मृत्यु (2)मादक पदार्थों की पहचान और अपराध (3)विष कितना    घातक  है   जीवन के लिए और क्यों (4)जघन्य अपराधो के घटना स्थल  निरीक्षण में महत्वपूर्ण बिंदु (5) वन जीवन का श्रोत तथा वन्य जीव अपराध अनुसंधान (6) सायबर अपराधों   की दुनिया में हम–आप और तत्संबंधी कानून, का उत्कृष्ट संपादन किया गया।  वरिष्ट  पुलिस    अधिकारियों  ने पटेल के द्वारा संपादित पुस्तकों की  भूरि भूरि  प्रशंसा  करते हुए  अपराध के अनुसंधान में उपयोगी बताया।

दुर्ग जिले के   वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  बद्री नारायण मीणा भा. पु.से ,अति पुलिस अधीक्षक शहर  संजय कुमार ध्रुव, नगर पुलिस अधीक्षक छावनी  कौशलेंद्र पटेल, उप पुलिस अधीक्षक अपराध  विश्वास चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक मुख्यालय दुर्ग  अभिषेक झा एवम् जिले के अन्य पुलिस  अधिकारियों एवम् कर्मचारियों के साथ साथ उन सभी सम्मानीय वरिष्ट पुलिस अधिकारियों का  पटेल ने  आभार व्यक्त किया !

  जिनके स्नेह,आशीर्वाद,मार्गदर्शन एवम् प्रेरणा से जनवरी 1985से अक्टूबर 2021तक सौपे    गए कार्यों को पूरा करने में   सफलता पाई। पटेल ने  पुलिस कंट्रोल रूम परिवार के सभी   सदस्यों का सहयोग के लिए आभार प्रकट किया और कहा कि पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई के माध्यम से किए गए कार्यों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

दुर्ग भिलाई के फोटो एवम् वीडियोग्राफर साथियों,मीडिया से जुड़े सभी सम्मानीय महानुभावों का समय समय में महत्वपूर्ण सहयोग के लिए   पटेल ने  आभार प्रकट किया। विषेस रूप से  अस्वनी सिंह, विजेंद्र सिंह,शेख मोहम्मद,मोहम्मद सलीम, पुरषोत्तम यादव,मैडम नसीम सुल्ताना का निरंतर सार्थक सहयोग के लिए आभार माना।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवम् वरिष्ट पुलिस अधीक्षक जिला दुर्ग  बद्री नारायण मीणा भा पु से द्वारा आज दिनांक 31/10/2021को पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई के सभागार में सेवा निवृत हुए एस आई  प्रदीप मिश्रा जिला विशेस शाखा भिलाई, एस आई  जय लाल साहू रीडर पुलिस अधीक्षक कार्यालय दुर्ग, एच सी  अयोध्या प्रसाद चंद्राकर यातायात, एच सी  अयोध्या प्रसाद नेताम यातायात, आर  रफीक खान आजाद विशेष थाना,वरिष्ट पुलिस फोटो एवम् वीडियोग्राफर  रामगोपाल पटेल फोटो शाखा पुलिस नियंत्रण कक्ष भिलाई नगर परिसर,को शॉल,फल एवम् प्रतीक  चिन्ह  तथा  शूट केश    देकर सम्मानित किया गया तथा उनके उत्कृष्ट स