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रेमडेसिविर इंजेक्शन के निर्यात पर भारत सरकार ने लगाया रोक

रेमडेसिविर इंजेक्शन के निर्यात पर भारत सरकार ने लगाया रोक

नई दिल्ली.केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने भारत में कोरोना के हालात सुधारने  तक रेमडेसिविर इंजेक्शन के निर्यात पर रोक लगा दिया है। इसके अलावा दवा की आसानी से उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रेमडेसिविर के सभी घरेलू निर्माताओं को अपने विक्रेताओं और वितरकों की जानकारी अपनी वेबसाइट पर प्रदर्शित करने की सलाह दी गई है.

औषधि निरीक्षकों और अन्य अधिकारियों को भंडार को सत्यापित करने, कदाचारों की जांच करने और इसकी जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए अन्य प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिये गये है. राज्यों के स्वास्थ्य सचिव संबंधित राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों के औषधि निरीक्षकों के साथ इसकी समीक्षा करेंगे. कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई में रेमडेसिविर को खासकर उन वयस्क मरीजों के लिए महत्वपूर्ण एंटी-वायरल दवा माना जाता है, जो स्वास्थ्य संबंधी गंभीर जटिलताओं का सामना कर रहे हैं.

मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत में कोविड के मामले तेजी से बढ़ रहे है. देश में 11 अप्रैल तक उपचाराधीन मरीजों की संख्या 11.08 लाख है और यह संख्या तेजी से बढ़ रही है. इससे कोविड मरीजों के इलाज में इस्तेमाल होने वाले रेमडेसिविर इंजेक्शन की मांग तेजी से बढ़ी है.’’ उसने कहा कि आने वाले दिनों में इसकी मांग में और बढ़ोतरी हो सकती है.

गौरतलब है कि भारत में कोविड-19 के एक दिन में रिकॉर्ड 1,52,879 नए मामले आने से संक्रमण के मामलों की कुल संख्या बढ़कर 1,33,58,805 हो गई, जबकि देश में वर्तमान में इस बीमारी का इलाज करा रहे लोगों की संख्या महामारी शुरू होने के बाद से पहली बार 11 लाख के आंकड़े के पार चली गई है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के रविवार सुबह आठ बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार, महामारी से एक दिन में 839 लोगों की मौत होने से मृतकों की संख्या 1,69,275 हो गई है. 18 अक्टूबर 2020 के बाद से इस बीमारी से एक दिन में जान गंवाने वाले लोगों की यह सर्वाधिक संख्या है.

मंत्रालय ने बताया कि संक्रमण के मामलों में लगातार 32वें दिन वृद्धि हुई है. देश में अब भी 11,08,087 लोग संक्रमित हैं जो संक्रमण के कुल मामलों का 8.29 प्रतिशत है जबकि स्वस्थ होने वाले लोगों की दर गिरकर 90.44 प्रतिशत रह गई है. देश में सबसे कम 1,35,926 उपचाराधीन मरीज 12 फरवरी को थे और सबसे अधिक 10,17,754 उपचाराधीन मरीज 18 सितंबर 2020 को थे, लेकिन अब उपचाराधीन मरीजों की संख्या इस आंकड़े से भी आगे निकल गई है. आंकड़ों के अनुसार इस बीमारी को अब तक 1,20,81,443 लोग शिकस्त दे चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.27 प्रतिशत है.

भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख का आंकड़ा पार कर गए थे. इसके बाद संक्रमण के मामले 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के पार चले गए थे. वैश्विक महामारी के मामले 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख और 19 दिसंबर को एक करोड़ का आंकड़ा पार कर गए थे.