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छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने प्लांट खरीदने का संकल्प व्यक्त कर बस्तर की जनता की भावनाओं का सम्मान किया- रेखचंद जैन

छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने प्लांट खरीदने का संकल्प व्यक्त कर बस्तर की जनता की भावनाओं का सम्मान किया- रेखचंद जैन

जगदलपुर, 29 दिसंबर। नगरनार स्टील प्लांट को अपने उद्योगपति मित्रों को बेचने पर तुली केंद्र की मोदी सरकार को मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने करारा जवाब दिया है। छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने प्लांट खरीदने का संकल्प व्यक्त कर बस्तर की जनता की भावनाओं का सम्मान किया है। विधानसभा सदन में बस्तर के नगरनार संयंत्र के विनिवेशीकरण को रोकने के लिए शासकीय संकल्प का समर्थन करते हुए जगदलपुर विधायक रेखचंद जैन ने यह बातें कही। जारी बयान में उन्होंने कहा देश की सरकारी सम्पतियों को बेचने का साहस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब छोड़ देना चाहिए। देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब एक ऐसे सरकारी स्टील प्लांट को बेचने का फैसला ले लिया गया जो अभी बनकर तैयार नही हुआ है।

रेखचंद जैन ने कहा कि 2001 में छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के शासन काल में केंद्र सरकार के उपक्रम एनएमडीसी के द्वारा स्थापनाधीन नगरनार इस्पात संयंत्र को केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित निजीकरण की प्रक्रिया अपना रही है । बस्तर की जनता, बस्तर के युवाओं का सपना था बस्तर में नगरनार स्टील प्लांट बनेगा बस्तरवासियों को विकास होगा और आज जब केन्द्र की मोदी सरकार इस इस्पात संयत्र को अपने चहते लोगों के हाथ में देने की तैयारी कर ली है, इससे वह सपना धीरे-धीरे समाप्त हो रहा है।बस्तर अनुसूचित क्षेत्र है, यहां पांचवी अनुसूची लागू है, उसके बाद भी केंद्र सरकार की जो निजीकरण करने का प्रयास किया गया है हम उसका विरोध करते हैं। 

नगरनार इस्पात संयत्र देश का पहला उदाहरण है जिसके स्थापित होने से पहले ही  इसे बेचने की तैयारी की जा रही है । नगरनार स्टील प्लांट जो एनएमडीसी भारत सरकार का उपक्रम है, नवरत्न कंपनियों में से एक है इसमें भारत सरकार का कोई पैसा नहीं लगा है, एनएमडीसी प्रॉफिट के बाद डिविडेंड केंद्र सरकार को प्रदान करने के बाद रिजर्व फंड से नगरनार स्टील प्लांट का निर्माण किया जा रहा है।आज रेलवे स्टेशन बेचा, भारत पेट्रोलियम बेचा, एयर इंडिया बेचा, एलआईसी बेचा और अब किसानों की खेती-किसानी को भी बेचने की तैयारी कर ली ।  केन्द्र की भाजपा सरकार हमेशा यही पूछा करती हैं कि कांग्रेस पार्टी ने 60 साल में क्या किया ? मैं बताना चाहता हॅूं कि हमारे देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी, राजीव गांधी जी देश में ऐसे उपक्रम बनाएं जो आज नवरत्न कंपनियों में शुमार है । चाहे वह एनएमडीसी  हो, भिलाई स्टील प्लांट हो, भारत पैट्रोलियम हो,एलआईसी जो प्रॉफिट देने वाली कंपनियां हैं । उन सभी भारतीय जनता पार्टी के मुखिया मोदी सरकार की नजर पड़ी हुई है।प्रधानमंत्री मोदी जी कहते थे कि ईस्ट इंडिया कंपनी आ जाएगी, वॉलमार्ट आ जाएगा पूरा देश बिक जाएगा।आज क्या आप लोगों के मुंह में ताला लगा हुआ है, देश को प्रोफिट देने वाली कम्पनियों को बेच रहे हैं।आपकी जिम्मेदारी बनती है कि हमारे बस्तर के लोगों का जो सपना था, बस्तर में पहला उद्योग लगना था ।

नगरनार क्षेत्र के आदिवासियों किसानों ने संयंत्र की स्थापना के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन दी है, जमीन देते समय किसानों ने एनएमडीसी पर विश्वास किया था तथा छत्तीसगढ़ शासन ने किसानों के सामने एनएमडीसी का प्रस्ताव रखा जिसके कारण हमारे बस्तर के नगरनार काम करने के आधार पर साल से सालाना 14000 से 15000 हजार रूपये राजस्व प्राप्त होने की संभावना थी।इस राजस्व से बस्तर का विकास होना था।विनिवेश से इसका लाभ पूजीपतियों को होगा और बस्तर के लोगों के साथ फिर अन्याय होगा ।  

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साहसिक फैसले ने प्लांट लगाने के लिए जमीन देने वाले किसानों की लाज रख ली।  बस्तरवासियों के सपनों को पुर्नजीवित करने के उद्धेश्य से इस शासकीय संकल्प को विधानसभा में लाया और साथ ही छत्तीसगढ़ की अस्मिता और आदिवासियों की भावना को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार नगरनार स्टील प्लांट को खरीदने की घोषणा की है। अब भी यदि जरा सा भी बस्तर हित की सोच है तो मोदी सरकार को विनिवेशीकरण का अपना फैसला रद्द कर अपने उद्योगपति मित्रों का हित भुलाकर आदिवासीओ किसानों गरीबों युवाओं के बारे में सोचना चाहिए।