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BREAKING NEWS : जनधारा की खबर का फिर असर : स्वास्थ अमले ने श्री सिद्धी विनायक हॉस्पिटल को किया सील

BREAKING NEWS : जनधारा की खबर का फिर असर : स्वास्थ अमले ने श्री सिद्धी विनायक हॉस्पिटल को किया सील

संजय जैन
धमतरी । मगरलोड थानांतर्गत बडी करेली निवासी ढालचंद निषाद पिता नाथूराम निषाद तथा राजा निषाद पिता स्व.फूलसिंह निषाद के द्वारा की गई शिकायत के आधार पर आज स्वास्थ अधिकारी के अमले एवं तहसीलदार एवं थाना प्रभारी ने श्री सिद्धी विनायक हॉस्पिटल मगरलोड को आज सील कर दिया। शिकायतकर्ताओं ने अपनी शिकायत में बताया था कि वहां पदस्थ चिकित्सक ने सामान्य बुखार के मरीज को कोरोना होने का भय दिखाकर लगातार पांच दिनो तक अपने अस्पताल में रखा एवं जब खुन की उल्टी हुई तो उसे दूसरे अस्पताल में रिफर करने के लिए मंजूरी दी। मरीज की दुसरे अस्पताल ले जाये तक उसके रास्ते में ही मौत हो गई और इसके पश्चात उक्त अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक द्वारा 63 हजार रूपए की मांग 8 जून को की गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमएचओ डा.डीके तुर्रे के निर्देश पर उक्त अस्पताल को सील कर दिया गया है। इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित करने के लिए आज की जनधारा को ग्रामीणो ने धन्यवाद भी ज्ञापित की है।
    कलेक्टर, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ अधिकारी तथा थाना प्रभारी को दिये गये अपने लिखित शिकायत में बडी करेली के निवासी स्व.फूलसिंह निषाद को सामानय बुखार आने पर उसे 23 अप्रैल 2021 को श्री सिद्धी विनायक अस्पताल मगरलोड ले जाया गया जहां पदस्थ चिकित्सक द्वारा सामान्य बुखार को कोरोना बताकर पांच दिन ईलाज करने की बात कहीं गई और लगातार 24-25 इंजेक्शन प्रतिदिन दिये जाने लगा। इस अवधि में परिजनो द्वारा यह कह जाने पर भी अगर आप बीमारी नही पकड पा रहे है तो इसे दुसरे अस्पताल में रिफर कर दीजिए, परिजनो के इस बात को नजर अंदाज करते हुए  चिकित्सक ने ईलाज जारी रखा जब मरीज को खुन की उल्टी होने लगी तब उसे दुसरे अस्पताल भेजे जाने के लिए वाहन बुलाई गई जिसकी रास्ते में ही मौत हो गई। मृतक फूलसिंह निषाद के मृत्यु पश्चात जब श्री सिद्धी विनायक अस्पताल मगरलोड में दामाद ढालचंद निषाद एवं पुत्र राजा निषाद पहुंचे तो वहां चिकित्सक द्वारा 43 हजार रूपए का बिल उन्हें दिया गया। पैसा देने के पूर्व इन लोगो ने चिकित्सक से बिल एवं दस्तावेज की मांग की तो चिकित्सक ने फर्जी तरीके से दस्तावेजो में हेरफेर करते हुए सामान्य बुखार का बिल बनाया जिस पर परिजनो ने आपत्ति की लेकिन चिकित्सक का यह कथन था कि इसे दिखाने पर आपको आधे लाभ मिलेगा।
    शिकायत में श्री सिद्धी विनायक अस्पताल में पदस्थ चिकित्सक एवं वहां के स्टाफ पर धोखाधडी, मरीज का गलत ईलाज करने से ही उसके मौत हुई है ऐसे गंभीर मामले में शिकायत में बताये गये साथ ही इस पुरे मामले का दस्तावेज एवं वीडियो शिकायत में संलग्न किया गया है। चुंकि यह जान माल का मामला है, इसलिए इसे गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य अमले के मुखिया डा.डीके तुर्रे को मिली शिकायत के आधार पर आज तहसीलदार एवं थाना प्रभारी की उपस्थिति में स्वास्थ विभाग के अमले द्वारा उक्त अस्पताल को सील कर दिया गया है जिससे मगरलोड क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। परिजनो में काफी प्रसननता देखी जा रही है। जिस प्रकार चिकित्सा के पुनित पेशे से जुडे लोगो द्वारा सामान्य बुखार वाले मरीज फूलसिंह निषाद के ईलाज में स्वार्थपूर्ति के चलते जो लापरवाही बरती गई है उसकी चहुंओर निंदा हो रही है साथ ही इस अस्पताल पर अपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की जा रही है। पुलिस विभाग मगरलोड द्वारा जिस प्रकार मामले को सामान्य मानकर मृतक के दामाद एवं पुत्र को न्यायालय जाने की सलाह दी गई है उसे लेकर भी क्षेत्र में तरह तरह की चार्चाए व्याप्त है। ऐसे लोगो का तर्क है कि पुलिस विभाग को मिली शिकायत के आधार पर इसकी सुक्षमता से जांच होनी चाहिए लेकिन आवेदन के पश्चात कोई जांच नही की गई जबकि यह सीधा सीधा धोखाधडी का मामला बनता है। लेकिन पुलिस विभाग मगरलोड दबाव के चलते आवेदन पर कोई कार्यवाही नही की।
    मिली जानाकरी के अनुसार पता चला है कि श्री सिद्धी विनायक अस्पताल मगरलोड को सील करते वक्त स्वास्थ अमला, तहसीलदार, थाना प्रभारी सहित अनेक ग्रामीण वहां उपस्थित थे जिन्होने स्वास्थ अमले के इस कार्यवाही की प्रशंसा करते हुए मांग की है कि जिस प्रकार मरीज के साथ ईलाज मे ंलापरवाही बरती गई है उसे लेकर कार्यवाही आवश्य होना चाहिए।