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आरंग जनपद बना भ्रष्टाचार का गौठान, बीजेपी शासनकाल के लाखों का फर्जी बिल हुए पास

आरंग जनपद बना भ्रष्टाचार का गौठान, बीजेपी शासनकाल के लाखों का फर्जी बिल हुए पास


चमन प्रकाश केयर (कुर्रे)
रायपुर। क्या आपने कभी समय को उल्टा चलते हुए देखा या सुना है... नहीं ना लेकिन आरंग जनपद में सब कुछ संभव है। जनपद पंचायत आरंग के सीईओ किरण कौशिक से सीख लीजिये कि आम जनता की गाढ़ी कमाई का बंदरबाट कैसे किया जाता है। वर्ष 2017 यानी भाजपा शासनकाल में गौठान के नाम से लाखों बिल लगाओ सब पास हो जायेगा। यही नहीं लाखों का फर्जी जीएसटी बिल जिसमें नाममात्र के लिए जीएसटी नम्बर लिखा हो वह भी पास हो जायेगा। इसके अलावा कई बार पेन से कांट-छांट करके बिना वर्ष का उल्लेख वाला बिल लगाओ कहीं कोई परेशानी नहीं होगी क्योंकि सीईओ किरण कौशिक हैं सब संभाल लेंगे। यह हम नहीं जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी किरण कौशिक के कारनामे बयां कर रहे हैं।



प्रदेश में मॉडल गौठान के नाम से सुर्खियां बटोरने वाले ग्राम पंचायत बनचरौदा द्वारा वर्ष 2017 भाजपा शासनकाल में एक लाख 16 हजार से अधिक बिल गौठान के नाम से आरंग जनपद के सीईओ किरण कौशिक ने पास कर दिए। जिस चहेती फर्म का बिल पास किया गया है उसका जीएसटी नम्बर ही फर्जी  है। ग्राम पंचायत बनचरौदा के डीके ट्रेडर्स के द्वारा कई पंचायतों के लिए करीब 9 लाख 87 हजार की लागत से सामग्री सप्लाई की गई थी जिसका जीएसटी नम्बर 221TWPS8664B1ZY फर्जी है।



बताया जा रहा है कि उक्त फर्म ने ग्राम पंचायत बनचरौदा के मॉडल गौठान में सबसे अधिक लागत से सामग्री सप्लाई की है। जानकारी ऐसी भी है कि ग्राम पंचायत बनचरौदा के सरपंच के साथ सीईओ किरण कौशिक ने सांठगांठ कर 9 लाख 87 हजार राशि का भुगतान कर दिया। यही नहीं गोइंदा पंचायत के द्वारा आठ जुलाई 2019 को करीब दो लाख 29 हजार के एक ही बिल के जीएसटी नम्बर को पेन से सुधारकर बिल पास किया गया। वहीं डी के ट्रेडर्स के अन्य बिलों को सुधारे बिना ही भुगतान किया गया। इसके अलावा पिताजी ट्रेडर्स द्वारा बनचरौदा सरपंच के नाम से जारी एक लाख नौ हजार से अधिक के बिल में वर्ष का ही जिक्र नही हैं जिसका भी भुगतान कर दिया गया है।  


आर के ट्रेडर्स ने कई पंचायतों को करीब 12 लाख 49 हजार की लागत से सामग्री सप्लाई की है। आर के ट्रेडर्स का जीएसटी नम्बर 22AGPOPG1448G1ZN फर्जी होने के बाद भी लाखों का बिल  भुगतान किया गया है। सृजन ट्रेडर्स के जीएसटी नम्बर 22FYRPSO438C1ZE की वैधता नहीं होने के बाद भी गौठान निर्माण के लिए दो लाख 30 हजार की लागत से कई पंचायतों में सामग्री सप्लाई की गई है। उक्त फर्म द्वारा पंचायतों के सरपंचों को  दिए बिल का जीएसटी नम्बर फर्जी है। इसके बाद भी चहेते फर्मों के बिल का भी भुगतान किरण कौशिक के द्वारा किया गया है।


महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना और छत्तीसगढ़ भंडार क्रय नियम की धज्जियां उड़ाने का काम आरंग जनपद में बखूबी किया जा रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक सीईओ किरण कौशिक चहेते सरपंचों एवं निजी ट्रेडर्स से मिलीभगत कर एसओआर रेट से अधिक की लागत से मनमाना बिल गौठान के नाम से पास कर रहे हैं। गौठान के नाम से पंचायतों के द्वारा जनपद में दिए गए लाखों रुपए के कई बिलों में वर्ष का उल्लेख ही नहीं है इसके बावजूद घोर अनियमितता बरतते हुए भुगतान कर दिया गया है। वहीं कई ऐसे बिल हैं जिसमें किसी भी पंचायत का नाम नहीं होने के बाद भी हजारों का बिल पास किया गया है। इसे लेकर जनपद सीईओ किरण कौशिक की कार्यप्रणाली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

गौरतलब है कि आज की जनधारा अख़बार ने पूर्व में आरंग जनपद में गौठान निर्माण के नाम से किये जा रहे भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था। इसके बाद पंचायत विभाग के महकमे में हड़कम्प मचने के बाद आनन-फानन में जांच टीम गठित की गई थी। जानकारी ऐसी भी है कि सीईओ किरण कौशिक ने मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया और विपक्ष के नेताओं के पास इस पूरे मामले पर पर्दा डालने का प्रयास किया था। इसके बाद विभागीय अधिकारियों ने दबाव में आकार जांच के नाम पर खानापूर्ति कर फ़ाइल दबा दी।
आरटीआई से मिली जानकारी के मुताबिक आरंग जनपद के करीब 33 पंचायतों में गौठान निर्माण के लिए मनरेगा के तहत 1 करोड़ 8 लाख 34 हजार 865 रुपए से अधिक की सामग्री खरीदी की गई है। इसमें फेंसिंग तार, जाली, सीमेंट, छड़, रेती, गिट्टी खरीदने के नाम पर पंचायतों द्वारा लगाए गए बिलों में बाजार रेट से अधिक का बिल का भुगतान कर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजना को पलीता लगाने का काम आरंग जनपद के सीईओ किरण कौशिक एवं जनपद अधिकारियों के द्वारा किया गया है।


वर्सन
वर्ष 2017 का बिल दुकानदार ने लगाया है लेकिन वर्तमान वित्तीय वर्ष में बिल पास किया गया है। मूल्यांकन और सत्यापन वर्तमान समय में किया गया है। यह मामूली सी गलती है जिसमें बिल का दिनांक नहीं देख पाए हैं। यदि इतनी ही बारीकी से देखते रहे तो जनपद में काम भी नहीं हो पायेगा।
किरण कौशिक , मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत आरंग