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भ्रष्टचार के आरोपी पी आर मिश्रा की संविदा नियुक्ति को निरस्त करने की मांग, विधायक ननकीराम कंवर ने CM को दिया ज्ञापन

 भ्रष्टचार के आरोपी पी आर मिश्रा की संविदा नियुक्ति को निरस्त करने की मांग, विधायक ननकीराम कंवर ने CM को दिया ज्ञापन

 कोरबा। जिले के रामपुर क्षेत्र के विधायक और छत्तीसगढ़ के पूर्व गृहमंत्री ननकीराम कंवर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ज्ञापन देकर नगर पालिक निगम कोरबा के भ्रष्टचार के आरोपी लेखा अधिकारी पी आर मिश्रा की संविदा नियुक्ति को निरस्त करने की मांग की है।

उन्होंने ज्ञापन में लिखा है कि संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, बिलासपुर संभाग ने नवनीत राहुल शुक्ला, पत्रकार कोरबा की शिकायत पर तथा मुख्यमंत्री निवास के अनुमोदन पश्चात नगर पालिक निगम कोरबा के पूर्व मुख्य लेखाधिकारी पी आर मिश्रा के विरुद्ध निविदाओं में भ्रष्टाचार कर अपने रिश्तेदार को नगर निगम कोरबा में ही ठेकेदारी कराने के आरोप में पत्र क्रमांक 335 के माध्यम से आयुक्त, नगर पालिक निगम कोरबा को जांच कर बिन्दुवार अभिमत प्रस्तुत करने आदेश दिया थाए जिस पर कार्यवाही करते हुए आयुक्त नगर पालिक निगम कोरबा ने प्रकरण की जांच कर आरोपी अधिकारी पी आर मिश्रा को अपने रिश्तेदार को ठेकेदारी करवाने के आरोप में दोषी पाते हुए अपनी जांच रिपोर्ट क्रमांक-दर्री जोन-2020-4256 दिनॉंक 05.08.20 को संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग को प्रस्तुत किया था।

पूर्व गृहमंत्री और विधायक ननकीराम कंवर ने लिखा है कि आरोपी पी आर मिश्रा का कार्यकाल शुरू से ही विवादों के घेरे में रहा है। नगर निगम कोरबा में अपने पद का दुरूपयोग करते हुए निविदाओ में भ्रष्टाचार से लेकर, ठेकेदारों से भुगतान के एवज में रिश्वत लेने के आरोप इन पर लगते रहें हैं। अविभाजित मध्यप्रदेश के समय हुई इनकी पदस्थापना भी विवादित है जो खुद भी एक जांच का विषय है।

मुख्यमंत्री को सम्बोधित करते हुए उन्होंने लिखा है कि आप हमेशा ही कहते रहे हैं कि हमारी सरकार छत्तीसगढिय़ों की सरकार है। विधानसभा में भी आपने छाती ठोककर खुद को छत्तीसगढिय़ा कहा था। परन्तु आपके सिरमौर रहते हुए हमारे अपने छत्तीसगढिय़ा भाई बहनों का हक मारने वाले अधिकारी को, जिस पर भ्रष्टाचार के अनेक गंभीर आरोप है तथा जिसे मौजूदा प्रकरण में जांच अधिकारी द्वारा दोषी भी पाया गया है। मंत्रालय मे पदस्थ अधिकारियों द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से संविदा नियुक्ति प्रदान कर उपकृत किया गया है। यह अत्यंत दुर्भाग्य का विषय है। 

 अत: उपरोक्त प्रकरण में तत्काल कार्यवाही करते हुए भ्रष्टाचार के आरोपी पी आर मिश्रा की संविदा नियुक्ति निरस्त करने का कष्ट करें।