breaking news New

ब्रेकिंग : निजी स्कूलों ने जनरल प्रमोशन देने से इंकार किया, एजुकेशन एक्टिविस्ट दिनेश शर्मा का दावा : फीस के लालच में किया फैसला, यह सरकार के आदेश का उल्लंघन है!

ब्रेकिंग : निजी स्कूलों ने जनरल प्रमोशन देने से इंकार किया, एजुकेशन एक्टिविस्ट दिनेश शर्मा का दावा : फीस के लालच में किया फैसला, यह सरकार के आदेश का उल्लंघन है!

रायपुर. निजी स्कूलों ने 10वीं और 12वीं के विदयार्थियों को छोड़कर शेष कक्षाओं के बच्चों को जनरल प्रमोशन देने से इंकार कर दिया है. उन्होंने यह भी तय किया है कि जो विदयार्थी फीस नही पटाएगा, उसे बिना टीसी के कोई स्कूल एडमिशन नही देगा. निजी स्कूलों की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में यह फैसला लिया गया है.

दूसरी ओर विदयार्थियों के अभिभावक भ्रम में आ गए हैं क्योंकि राज्य सरकार ने 10वीं और 12वीं के विदयार्थियों को छोड़कर शेष कक्षाओं के बच्चों को जनरल प्रमोशन से उत्तीर्ण करना तय किया है लेकिन निजी स्कूल ऐसा करने से इंकार कर रहे हैं. वे कह रहे हैं कि जो विदयार्थी पूरी फीस पटाएगा, उसे ही टीसी दी जाएगी.

हालांकि अभी यह स्पष्ट नही हो सका है कि अभिभावकों को फीस कितनी देनी होगी. क्योंकि साल भर तक स्कूल खुले ही नही हैं सिर्फ आनलाइन क्लासेज हुई हैं, वो भी एक या दो घण्टे की. ऐसे में पूरी फीस कैसे ली जा सकती है. कई स्कूलों ने चालाकी दिखाते हुए पूरी फीस को ही टयूशन फीस बना लिया है. नर्सरी बच्चों की एक साल की कम से कम से फीस 15 हजार रूपये ली जा रही है.

एजुकेशन एक्टिविस्ट दिनेश शर्मा ने कहा कि यदि कोई भी निजी विद्यालय निजी स्कूल संगठन यदि बच्चों को जनरल प्रमोशन नहीं देता है, तो वह सरकार के आदेश का सरेआम उल्लंघन है और यह प्रताड़ना के अंतर्गत आता है, जिसमें की सरकार को सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. मैं सभी पालकों से अनुरोध करता हूं कि यदि बच्चों को प्रताड़ित किया जाता है तो संबंधित थाने में तुरंत एफ आई आर दर्ज कराएं बच्चों को प्रताड़ित करने वाले स्कूल के खिलाफ। शर्मा ने कहा कि मैं इस प्रताड़ना के खिलाफ मुहिम छेडूंगा, ताकि कोई बच्चा प्रताड़ित ना हो और यदि प्रताड़ना का शिकार होता है तो सरकार प्रताड़ना करने वाले के ऊपर सख्त कार्यवाही करे.