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कार्यशाला में बताए तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, तंबाकू छोड़ने का दिलाया संकल्प

कार्यशाला में बताए तंबाकू सेवन के दुष्प्रभाव, तंबाकू छोड़ने का दिलाया संकल्प

राजनांदगांव, 2 मार्च। राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत जिले को पूर्ण रुप से तंबाकू मुक्त बनाने के उद्देश्य से शहर के एक होटल में एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस दौरान तंबाकू तथा तंबाकूयुक्त अन्य उत्पादों से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए कोटपा एक्ट के विषय में भी विस्तृत जानकारी दी गई। 

कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा, पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण, महापौर हेमा देशमुख और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डा. मिथलेश चौधरी के आतिथ्य में आयोजित इस कार्यशाला में शिक्षा विभाग, पुलिस विभाग एवं परिवहन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी प्रमुखता से उपस्थित थे। इस दौरान लोगों को जानकारी दी गई कि, तंबाकू का सेवन केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी बहुत बड़ा खतरा है। गुटखे या तंबाकू का लगातार सेवन करने से दांत कमजोर हो जाते हैं। उनमें से खून आने लगता है। मुंह से दुर्गंध आने लगती है, साथ ही मुंह के अंदर घाव भी होने लग जाते हैं। समय पर तंबाकू का सेवन छोड़ दिया जाए तो ही इसका इलाज संभव है और कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से भी बचा जा सकता है। इस अवसर पर लोगों ने तंबाकू और तंबाकूयुक्त अन्य उत्पाद को त्यागकर जिले को तंबाकू मुक्त बनाने का संकल्प भी लिया।

कार्यशाला को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक डी. श्रवण ने तंबाकू से होने वाले दुष्प्रभाव व कोटपा एक्ट 2003 के अंतर्गत आने वाली धाराओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा, कोटपा एक्ट शिक्षण संस्थान एवं सरकारी कार्यालय में सख्ती से लागू हो, इसके लिए जिला प्रशासन के सहयोग से तंबाकू नियंत्रण के तहत यलो लाइन कैंपेन अभियान चलाया जा रहा है। इसी तरह कुछ ग्रामों का चयन कर तंबाकू मुक्त ग्राम भी बनाए जाएंगे।

कार्यशाला में सीएमएचओ डा. मिथलेश चौधरी ने बताया तंबाकू और तंबाकू से बने उत्पाद से समाज को होने वाले नुकसान से बचाने तथा नई पीढ़ी को नशरहित वातावरण देने के लिए जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। तंबाकू के सेवन के खिलाफ नई पीढ़ी को जागरूक करना ही कार्यक्रम का प्रमुख उद्देश्य है। इसी क्रम में विद्यालय के 100 गज के दायरे में तंबाकू उत्पादों के बिक्री केंद्रों को हटाना है और जो लोग इस तरह का नशा कर रहे हैं, उनको इससे दूर भी करना है।

जिला सलाहकार विकास राठौर ने कहा, युवा पीढ़ी को नशे की लत लगने से बचाना हम सबकी जिम्मेदारी है। इस दिशा में हर वर्ग को जागरुकता के साथ प्रयास करना चाहिए। कार्यशाला में राज्य स्तर के राज्य विधिक सलाहकार एनटीसीपी ख्याति जैन एवं राज्य सलाहकार एनटीसीपी डा. आनंद वर्मा के साथ-साथ जिला स्तर से जिला सलाहकार विकास राठौर, जिला फाइनेंस अधिकारी थामेश वर्मा व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी हिस्सा लिया। 

इस तरह समझाया गया कोटपा एक्ट

सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्यए उत्पादनए प्रदाय और वितरण का विनियम) अधिनियम, जिसे कोटपा एक्ट, 2003 के नाम से भी जाना जाता है।

क्या कहती है धारा

धारा-4 

1. सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान अपराध है।

2. सार्वजनिक स्थानों के प्रभारी ध्मालिक हर प्रवेश द्वार एवं हर मंजिल से सुस्पष्ट स्थान पर  एक काले धुएं  के साथ सिगरेट अथवा बीड़ी के चित्र को काटती हुए प्रदर्शित होगी ।

3. बोर्ड के नीचे प्रभारी, मालिक (जिसके पास उल्लंघन की शिकायत की जानी है) का नाम व फोन नंबर लिखा हो, यदि सार्वजनिक प्रभारी, मालिक उल्लंघन करने पर कार्रवाई नहीं करता है, तो उस पर व्यक्तिगत अपराधों की संख्या के समतुल्य जुर्माना लगाया जाएगा।

4. सार्वजनिक स्थानों पर (स्मोकिंग एड) सिगरेट, लाइटर एवं बीड़ी सिगरेट जलाने के लिए उपकरण (माचिस) उपलब्ध नहीं करवाए जाएंगे।

5. केवल 30 कमरों से ज्यादा वाले होटल, 30 व्यक्तियों से ज्यादा बैठने की क्षमता वाले भोजनालय एवं एयरपोर्ट में अलग स्मोकिंग जोन बनाया जा सकता है, लेकिन वह केवल कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही बनाया जा सकता है । 

उक्त नियमों के उल्लंघन पर 200 रूपये तक का जुर्माना किया जा सकता है ।

धारा-5 

1. तंबाकू पदार्थों के प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष विज्ञापन पर पूर्ण प्रतिबंध है।

2. तंबाकू पदार्थों को बेचने वाली दुकान पर काले अक्षरों में सफेद पृष्ठभूमि का बोर्ड लगा सकते हैं जिस पर तंबाकू से कैंसर होता है लिखा होना चाहिए।

3. तंबाकू पदार्थों को बेचने वाली दुकान पर लगे बोर्ड चमकदार (बिजली युक्त) नहीं होना चाहिए।

4. टेलीविजन व फिल्मों में तंबाकू के दृश्यों को दिखाना अपराध है।

उक्त नियमों को उल्लंघन पर 1 से 5 वर्ष की कैद 1000 से 5000 रूपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

धारा-6

1. 18 वर्ष से कम आयु वर्ग को तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है।

2. 18 वर्ष से कम आयु वर्ग के द्वारा तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है।

3. नाबालिगों को तंबाकू पदार्थ बिक्री स्थान पर दिखाई नहीं देना चाहिए।

4. बिक्री के स्थान पर एक बोर्ड लगाना आवश्यक है।

5. शिक्षण संस्थानों के 100 गज के दायरे में तंबाकू पदार्थ बेचना अपराध है।