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अनुकम्पा नियुक्ति में आपदा पर अवसर तलाश करने वालों को हतोत्साहित करने काउंसलिंग कर हाथों हाथ आदेश देने की व्यवस्था करें..

अनुकम्पा नियुक्ति में आपदा पर अवसर तलाश करने वालों को हतोत्साहित करने काउंसलिंग कर हाथों हाथ आदेश देने की व्यवस्था करें..


समय सीमा 31 मई तक अनुकम्पा नियुक्ति हेतु अभियान चलाने की जरूरत....

रायपुर, 20 मई। छत्तीसगढ़ सरकार के केबिनेट ने राज्य में दिवंगत शासकीय सेवक के परिवार के एक सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिये तृतीय श्रेणी के पदों से 31 मई तक 10 प्रतिशत की सीमा बन्धन को हटाकर उल्लेखनीय कदम उठाया है, परन्तु निर्णय पर अमल करने हेतु सामान्य प्रशासन विभाग से आदेश जारी होने में विलम्ब हो रहा है और इसके लिये समय बहुत कम है, कहा जाय तो केवल 10 दिन है।परन्तु अनुकम्पा नियुक्ति दिलाने या हम करवा देंगे कहने वाले आपदा में अवसर तलाशने वाले लोग सक्रीय हो चुके हैं। पता चला है कि लोग प्रभावित परिवार पेन्शनर से सम्पर्क साधकर बातचीत कर सबकुछ तय भी कर चुके हैं। चूंकि अनुकम्पा नियुक्ति के पात्र लोग अधिकतम लोग परिवार पेन्शनर श्रेणी से ही आते हैं। इसलिए छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर फेडरेशन ने सरकार के इस निर्णय पर खुशी जाहिर कर शीघ्र निर्णय और सुझाव अनुसार आदेश जारी करने की मांग की है।

 भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने कहा है कि ऐसे में मामले पर गम्भीरता से विचार करने की जरूरत है और अनुकम्पा नियुक्ति हेतु एक अभियान चला कर  जिले में एक ही स्थान पर सभी विभागों को बुलाकर काउंसिलिंग कर तुरन्त हाथों हाथ आदेश देने से आपदा में अवसर ढूंढने वाले हतोत्साहित होंगे और दिवंगत परिवार लूट खसोट करनेवालों के चंगुल से बाहर होंगे।

पेन्शनर फेडरेशन ने दिवंगत शासकीय सेवको के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति देने के मामले में भेदभाव न बरतने की सलाह दी है और कोरोना संक्रमण के अलावा अन्य कारणों से मृत शासकीय सेवको को भी वरियता क्रम में अनुकम्पा नियुक्ति देने के लिए कार्यवाही करने की मांग की है।

छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव एवं फेडरेशन के घटक संघठन से पेन्शनर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यशवन्त देवान, छत्तीसगढ़ प्रगतिशील पेन्शनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष आर पी शर्मा तथा भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा ने आगे बताया है कोविड 19 के संक्रमण के पहले भी प्रदेश में अनेकों शासकीय सेवक दिवंगत हुये है और उनके परिजन तृतीय वर्ग के 10% पदों के सीलिंग नियम के कारण वर्षो से अनुकम्पा नियुक्ति से वंचित सरकार के फैसले के इंतजार में कार्यालयों के लगातार चक्कर काट रहे हैं। राज्य सरकार को इस विषय पर अपना रुख स्पष्ट कर सन्देह दूर करना चाहिए।

इसलिये पेन्शनर फेडरेशन ने सरकार से मांग की है कि वे  कोविड संक्रमण से मृत और अन्य कारणों से मृत शासकीय सेवको के परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति देने के मामले में भेदभाव न करते हुये अनुकम्पा नियुक्ति के लिये विशेष अभियान चलाकर  सभी जरूरत मन्द को लाभ देने हेतु तुरन्त समयसीमा का कार्यक्रम तय करे।