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गठला सोसाइटी में 12 हजार क्विंटल धान जाम, किसानों को धान बेचने में हो रही परेशानी - शिव वर्मा

गठला सोसाइटी में 12 हजार क्विंटल धान जाम, किसानों को धान बेचने में हो रही परेशानी -  शिव वर्मा

 समय पर उठाव नहीं होने से बढ़ सकती है परेशानी

राजनांदगांव । धान खरीदी केंद्र गठला सोसाइटी में 12 हजार क्विंटल धान जाम होने से और समय पर उठा नहीं होने से किसानो की परेशानी बढ़ सकता है, यहां किसानों को पैर रखने के लिए भी जगह नहीं मिल पा रहा है, तो किसानों को धान बेचने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है !

नगर पालिक निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री शिव वर्मा ने सोमवार को दोपहर 01 बजे धान खरीदी केंद्र गठला सोसायटी का निरीक्षण करने पहुंचा तो सोसाइटी में पैर रखने का भी जगह नहीं है, किसानों से बात करने पर पता चला कि धान बेचने के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है, धान का उठाव नहीं होने की दशा में पैर रखने के लिए भी जगह नहीं है !

इस स्थिति में किसान धान बेचे तो कैसे बेचे इसके अलावा फटे पुराने वरदानी दिए जा रहे हैं, जिसमें धान बेचने के दौरान कांटा करते समय धान गिरने से किसानों को भारी क्षति व नुकसान हो रहा है, सोसाइटी में लगभग 12 हजार क्विंटल धान पड़ा हुआ है, जिसके कारण से जाम की स्थिति सोसाइटी में बनी हुई है !

सोसाइटी के द्वारा किसानों को 50 नए पुराने बारदाना, 25 प्लास्टिक बारदाना और स्वयं का 25 बारदाना के माध्यम से खरीदी हो रहा है, जबकि 25 बारदाना में किसानों को बाजार में खरीदने पर 30 से 35 रुपये में मिल रहा है, और राज्य सरकार उस बारदाने का कीमत किसानों को 25 रुपये के भाव से दे रहे हैं, किसानों ने कहा कि धान बेचने के बाद भी पैसे किस्तों में दिया जा रहा है, और वह भी पैसा 5 से 6 दिनों के अंतराल के बाद खाते में पहुंचता है, धान खरीदी केंद्र गठला सोसाइटी में किसानों को धान बेचने के लिए अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।                             

वर्मा ने धान खरीदी केंद्र गठला सोसाइटी का निरीक्षण करने के दौरान किसानों को हो रही समस्याओं के बारे में  सोसाइटी प्रबंधक किशुन लाल देवांगन ने बताया कि हमारे गठला सोसाइटी में कुल 8 गांव और पंजीकृत किसान 1961 है, इस वर्ष खरीदी केंद्र को और आगे बढ़ाया गया है जिससे धान बेचने में किसानों को समस्या ना हो इसलिए सोसाइटी को बेरीकटिंग करके और बड़ा किया गया है !

अभी सोसाइटी में 12 हजार क्विंटल धान है, सोसाइटी में हर सप्ताह धान उठाव के लिए गाड़ियां लग रहा है, जितना धान उठता है, उससे ज्यादा धान सोसाइटी में प्रत्येक दिन किसानों को टोकन के माध्यम से पहुंच जाता है, मेरे द्वारा खरीदी सुचारू रूप से कराया जा रहा है, इसलिए सोसाइटी में 05 इलेक्ट्रॉनिक मशीन धान काटे के लिए लगाया गया साथ ही साथ सोसाइटी में कैमरे भी लगाया गया है !

किसानों के बैठने के लिए चबूतरा और पीने के पानी का भी इंतजाम किया गया है, सोसाइटी में किसानों को परेशानी ना हो इसके लिए हर संभव प्रयास हमारे द्वारा किया जा रहा है।

 वर्मा ने आगे कहा कि हमारी भारतीय जनता पार्टी भाजपा की सरकार था, तो किसानों को समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता था, क्योंकि 15 नवंबर से ही धान खरीदी प्रारंभ कर दिया जाता था, लेकिन छत्तीसगढ़ में जब से भूपेश बघेल कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से किसानों को धान बेचने के लिए अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, धान खरीदी केंद्र में परिवहन की समस्या व बारदाने की समस्या सहित कई समस्याओं से किसानों को जूझना पड़ रहा है, किसानों को अपनी मेहनत की कमाई धान को बेचने के लिए धान खरीदी केंद्र का चक्कर काटने के लिए मजबूर है, धान बेचने के बाद भी किसानों को पैसे के लिए इंतजार करना पड़ रहा है, और छत्तीसगढ़ सरकार किसानों को किस्तों में पैसे आबंटन कर रहा है, जबकि किसानों को एकमुश्त पैसे उनके खाते में डालना चाहिए जिससे उनकी समस्या कम हो सके लेकिन भूपेश बघेल सरकार किसानों की समस्याओं से कोई लेना-देना नहीं है।