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निर्मला घाट में भ्रष्टाचार का ग्रामीणों ने लगाए आरोप

निर्मला घाट में भ्रष्टाचार का ग्रामीणों ने लगाए आरोप


ग्रामीणों ने गुणवत्ताहिन का लगाए आरोप

सक्ति 18/2020।   प्रदेश सरकार के द्वारा समस्त ग्रामीण क्षेत्रों में तालाब तथा इसी प्रकार के अन्य जल स्रोतों में महिला तथा पुरुषों के नित्य कर्म सहित स्नान ध्यान आदि के लिए निर्मला घाट का निर्माण कराए जाने का आदेश के तहत विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों के तालाब आदि में निर्मला घाट निर्माण का कार्य चल रहा है इस जन हितेषी कार्य में भी ग्राम के प्रमुख तथा कर्ता-धर्ताओ ने इसमें भी भ्रष्टाचार तथा घालमेल का खेल खेलना प्रारंभ कर दिया है । 

शक्ति जनपद के अधीन ग्राम चमरा बरपाली में देखने सुनने को आ रहा है जहां तालाब में मनरेगा के तहत ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराने की मंशा से निर्मला घाट का निर्माण कराया गया है जहां तलाब में महिला तथा पुरुष दोनों के लिए अलग-अलग घाट का निर्माण करना था वहां महिला तथा पुरुष दोनों के लिए संयुक्त रूप से एक ही जगह घाट का निर्माण कराए जाने का मामला सामने आया है इस कार्य में भी ग्राम के सरपंच ने जो भ्रष्टाचार का षड्यंत्र रचा है उसकी दुर्गंध जिला मुख्यालय तक पहुंच रही है। 

निर्मला घाट के निर्माण में बरती गई लापरवाही तथा इस तरह गुणवत्ता हिन निर्माण सामग्रियों के चलते ग्राम वासियों ने आरोप लगाया है कि पचरी निर्माण में गंभीर रूप से लापरवाही बरती गई हैं एक पचरी के नीचे बना हुआ दूसरा पचरी निर्माण के कुछ ही रोज में धंस कर क्षतिग्रस्त होने के कगार में पहुंच चुका है। 

बताया जा रहा है  कि गांव के तालाब में निर्मला घाट तथा पचरी के निर्माण में जमकर भ्रष्टाचार का खेल छलक रहा है गांव के तालाब में निर्मला घाट के अधीन पचरी का निर्माण बहुजन सुखाय बहुजन हिताय के उद्देश्य से शासन की योजना तहत कार्य कराया जा रहा है जिसमें इंजीनियर सहित सरपंच आदि अपने हिस्से बंटवारे तथा कमीशन के चक्कर में इस तरह कार्य कराने में लगे हुए हैं इस तरह से यदि चलता रहा तो ग्राम विकास का सपना कैसे साकार हो पाएगा । 

इंजीनियर के देखरेख में निर्माण हुए निर्मला घाट का यह दुर्दशा देख यह जरूर स्पष्ट होता है इंजीनियर ने ही भ्रष्टाचार करने की वरदान सरपंच को दिया होगा तब इस तरह स्थिति उत्पन्न हुआ है अब देखना यह है अधिकारी इस पर संज्ञान लेने के पश्चात किस तरह की कार्रवाई करते हैं।