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मुड़केरा सरपंच पर मेहरबान जनपद के अधिकारी, भ्रष्ट्राचार की जांच से आवेदक असंतुष्ट: जानिए- क्या है पूरा मामला

मुड़केरा सरपंच पर मेहरबान जनपद के अधिकारी, भ्रष्ट्राचार की जांच से आवेदक असंतुष्ट: जानिए- क्या है पूरा मामला

किसन लाल विस्वकर्मा /मगरलोड। ग्राम पंचायत मुड़केरा के सरपंच,रोजगार सहायक सहित जनपद पंचायत मगरलोड के तकनीकी सहायक ने सरकार के योजनो की तमाम नियमों को तांत में रखकर नियमो की धज्जियां उड़ाते दिख रहे है। ज्ञात हो,की कार्य की एजेंसी ग्राम पंचायत है और कार्य पूर्ण भी हो गया है। लेकिन सरपंच को अभी तक पता नही है की जिस जगहों पर भूमि समतली करण और डबरी निर्माण कराया गया है। वह जमीन आखिर किसके नाम पर है। 

बता दे कि पंचायत जिस जगहों को भूमि समतलीकरण एवं डबरी निर्माण के लिए प्रस्ताव किया गया है। उस जगहों पर न तो किसी तरह से डबरी बनाया गया और ना ही किसी भी प्रकार भूमि समतलीकरण हुआ है। बल्कि यह कार्य किसी दूसरे जगहों पर काम कराया गया है। यह मामला तब समाने आया जब ग्राम पंचायत मुड़केरा के ही उपसरपंच सहित कुछ पंचों ने सूचना के अधियनम के माध्यम से पंचायत में आवेदन लगाकर दस्तावेज प्राप्त किया।

जब इस सम्बंध में सरपंच कनेसिंग वट्टी से पक्ष लेने की कोशिश किया तो सरपंच ने कहा कि मैं कामो में बिजी रहता हूँ। लेकिन एजेंसी होने के नाते अपना गलती स्वीकार करता हूँ। सरपंच ने आगे कहा कि,पूरा गलती रोजगार सहायक और तकनीकी सहायक का है।  कोरोना काल मे हितग्राहियों को रोजगार देने के एवज में चंद लोगो का मस्टररोल में फर्जी उपस्थिती डालकर पैसा आहरण कर लिया गया है। इस सम्बंध में सरपंच ने रोजगार सहायक और मेट को जिम्मेदार बताया है। सिंगपुर में सिन्हा हार्डवेयर नाम की दुकान न होते हुए भी फर्जी बिल लगाकर पैसा आहरण करना भी स्वीकार किया है।        

इस पर क्या कहते है ?जनपद के कर्मचारी 

इस सम्बंध में जनपद पंचायत मगरलोड के एसडीओ अश्वनी चतुर्वेदी से पक्ष लिया गया तो,पल्ला झाड़ते हुए कहा की हम लोग जनपद से टीम बनाकर के जांच में मुड़केरा गए थे। लेकिन आवेदक हमारे जांच से संतुष्ट नही है और आवेदकों जांच के समय बुलाया जाता है तो आवेदक नदारत रहते है। लेकिन आवेदकों ने जनपद के एडीओ पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसडीओ खुद जांच टीम अनुपस्थिति रहे।

साथ ही सम्बद्ध में जनपद की पीईओ भावेश योगी से पक्ष लिया गया तो कहा कि कार्यो में 19-20 हुआ है। लेकिन कार्य हुआ है।आगे हमारे संवाददाता कुछ और सवाल कर ही रहे थे। उसके पहले ही पीईओ साहब अपना चेम्बर छोड़कर बाहर निकल गए। जब इस सम्बंध में तकनीकी सहायक शलेन्द्र से मोबाईल फोन से पक्ष लेने की कोशिश पिछले दो-तीन दिनों से किया जा रहा है। लेकिन वह फोन नही उठाते है।

आखिर एजेंसी पर जनपद के कर्मचारी क्यो है?मेहरबान क्या है राज?

जब ग्राम पंचायत मुड़केरा के सरपंच जनधारा समाचार से अपना गलती स्वीकार करते हुए गलती की वजह कर्मचारियों को को बताया। उसके बाउजूद जनपद के कर्मचारियों के जांच में एजेंसी आखिर कैसे सही पाया जा सकता है। आखिर सरपंच को बचाने की पक्ष में क्यो लगे हुए है जनपद की कर्मचारी क्या है आखिर माजरा ? कर्मचारी क्यो है एजेंसी पर महेरबान। यह सवाल आवेदकों को जहन में कई सवाल उठ रहा है।