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ग्राम पंचायत सकर्रा में जीवित को मृत बताने का मामला सामने आया

ग्राम पंचायत सकर्रा में जीवित को मृत बताने का मामला सामने आया

एसडीएम से हुई शिकायत एफआईआर की मांग

मालखरौदा, 26 अक्टूबर।  मालखरौदा जनपद के ग्राम पंचायत सकर्रा में सरपंच सचिव द्वारा फिर एक जीवित हितग्राही को मृत बताकर अपने चहेते हितग्राही को पात्र कर शासन के योजना का लाभ देने का दूसरा गंभीर मामला सामने आया है। जिसकी शिकायत  एसडीएम् सकती से की गई है। ग्राम पंचायत सकर्रा के प्रधान मंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राही जनीराम चंद्रा पिता हरिशंकर चंद्रा को सरपंच सचिव ने द्वारा मृत घोषित कर उसके स्थान पर अपने चहेते को हितग्राही को पात्रकर शासन के योजना का लाभ दे दिया गया है, जिसके कारण जीवित हितग्राही योजना से वंचित हो गया है। सरपंच पदमा बरेठ व सचिव राजेश गबेल के कारनामे के कारण गरीबों का हक़ छीन जा रहा है जिसको लेकर गांव में भारी आक्रोश देखी जा रही है।


सत्तापक्ष के नेता के बल पर जीवित को मृत करने का हो रहे कार्य

इस मामले में ग्रामीणों ने सत्तापक्ष के नेता पर आरोप लगाते हुए कहा है कि सत्तापक्ष के नेता के बल पर सरपंच पदमा बरेठ व् सचिव राजेश गबेल द्वारा

जीवित को मृत करने का कारनामा किया जा रहा और गरीबों को आवास योजना से मनमानी पूर्वक वंचित कर दियां जा रहा है. इसी तरह फिर दूसरा मामलें सामने आया है जिसमें ग्राम पंचायत सकर्रा के जीवित हितग्राही जनी राम चंद्रा को दुर्भावना पूर्वक सत्तापक्ष के नेता के बल पर सरपंच सचिव ने मनमाने पूर्वक शासन के नियमों का उल्लंघन करतें हुए मृत घोषित कर दिया है. ग्रामीणों का आरोप है की सत्तापक्ष के नेता के संरक्षण के कारण दोषियों का हौसले बुलंद है।

 इस दूसरे जीवित को मृत करने के मामले में हितग्राही व् ग्रामीणों ने इसे भी गंभीर से सही जांच करने की मांग की गई है. 

उपरोक्त मामले की जांच पूर्व की शिकायत की तरह चंद्रपुर विधान सभा से बाहर के पदस्थ अधिकारी कर्मचारी से कराकर सरपंच सचिव के खिलाफ संबंधित थाना में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई है. इस मामले में बताया गया है की जांच में किसी भी प्रकार की हेरा फेरी होने की स्थिति में ग्रामवाशी कई चरणों में आंदोलन सहित उच्च न्यायलय का हवाला दिया गया है. जिसमे होने वाले क्रय व्यय सहित संपूर्ण जवाबदारी जांच अधिकारी की होगी।

 सक्ती के एसडीएम बी.एस मरकाम ने कहा कि जीवित हितग्राही को मृत कर देने के दूसरे शिकायत के मामले मेरे पास आया है. जिसकी जांच पहले गठित की गई जांच टीम के द्वारा ही करायी जाएगी।