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कोरोना श्रृंखला में सुप्रसिद्ध कवि ध्रुव शुक्ल की कविताः सुनो कबीरा! हम हैं बया चिरैया

कोरोना श्रृंखला में सुप्रसिद्ध कवि ध्रुव शुक्ल की कविताः सुनो कबीरा! हम हैं बया चिरैया


जिस पर पंछी को छाया नहीं

जिस के फल भी कितने दूर

ऊँचा पेड़ खजूर

उसी की एक डाल पर

रचती छाया बया चिरैया


उसी की पत्तियों का

धागा बनाकर चोंच से

हवा में तैरता घोंसला बुनती

रहती है अपने चूजों के साथ

जुगनू का दिया जलाकर

बया चिरैया


कहे बया चिरैया, सुनो कबीरा

हमने छाया रच ली ऊँचे पेड़ खजूरा

हम हैं बया चिरैया

हम भी कम न हठैया


लघुता की प्रभुता पहचानें

कबिरा मन ही मन मुस्कानें