breaking news New

मिसाल : रेलवे इंजीनियर ने 'देवदूत बनकर की मदद, रिटॉयर्ड रेलवे कर्मी की पुत्री के विवाह के लिए बचत खाते से दिए तीन लाख!

मिसाल : रेलवे इंजीनियर ने 'देवदूत बनकर की मदद, रिटॉयर्ड रेलवे कर्मी की पुत्री के विवाह के लिए बचत खाते से दिए तीन लाख!

चंडीगढ़. कल्पना कीजिए कि कोई रेलवे कर्मचारी इस उम्मीद के साथ अपनी बेटी के हाथ पीले करना चाह रहा हो कि सेवानिवृत्ति के बाद मिली एकमुश्त राशि से वह अपने बेटी का विवाह कर सकेगा और ऐनवक्त पर वह राशि ना मिले तो..! आमतौर पर ऐसे मामले में शीर्षस्थ अधिकारी भी असहाय हो जाते हैं लेकिन आइआरएसई सर्विस के अधिशासी इंजीनियर सौरभ सिंह ने एक मानवीय मिसाल प्रस्तुत की है.

उन्होंने अपने बचत खाते से तीन लाख रूपये निकाले और सेवानिवृत्त शासकीय कर्मचारी के खाते में डाल दिए ताकि वह अपनी बेटी का विवाह कर सके. माजरा यह है कि उत्तरप्रदेश के रायबरेली में कार्यरत रेल्वे कर्मचारी श्याम सुंदर, ट्रेकमैन के तौर पर कार्य करते थे और कुछ महीने पहले सेवानिवृत्त हो गए. इसके बाद उनकी बेटी का विवाह तय हो गया. उन्हें उम्मीद थी कि सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि से वह बेटी के हाथ पीले कर सकेंगे लेकिन 9 महीने बाद भी उन्हें यह रकम नही मिल सकी जिसके बाद परिवार चिंता में पड़ गया.

लेकिन ईश्वर मदद के हाथ आगे बढ़ा ही देता है. इस पूरे प्रकरण को उत्तर रेलवे चंडीगढ़ में अधिशासी इंजीनियर के पद पर कार्यरत सौरभ सिंह देख रहे थे. उन्होंने श्याम सुंदर को पत्र लिखते हुए कहा, 'मैंने कार्यालय अधीक्षक को समय समय पर निर्देशित करके इस केस को प्राथमिकता से निपटाने के लिए आदेशित किया था परंतु मनमर्जी से काम किया जाता रहा, मैं शर्मिंदा हूं कि तमाम कोशिशों के बाद भी आपका भुगतान नही दिला सका. जबकि मैंने आपको फोन पर आश्वस्त किया था लेकिन मुझे पर्याप्त शक्तियां नही मिली हैं कि मैं आपकी राशि का भुगतान करा पाता.' मुझे उम्मीद है कि आप मेरी विवशता को समझेंगे.

उत्तर रेलवे चंडीगढ़ में अधिशासी इंजीनियर सौरभ सिंह ने आगे लिखा कि आपकी भारतीय रेलवे के लिए की गई सेवा और परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए मैं अपने बचत खाते से तीन लाख रूपये की छोटी सी धनराशि बचत खाते में हस्तांतरित कर रहा हूं ताकि ऐसे समय में आपकी कुछ मदद हो सके. आपकी पुत्री के वैवाहिक जीवन के लिए मेरी अनंत शुभकामनाएं.