अगर ऐहतियाती कदम नहीं उठाए गए होते तो देश में कोरोना पॉजिटिव के मामले 2 लाख होते : लव अग्रवाल

अगर ऐहतियाती कदम नहीं उठाए गए होते तो देश में कोरोना पॉजिटिव के मामले 2 लाख होते : लव अग्रवाल

 

नई दिल्ली।  केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को कहा कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए लॉकडाउन और कन्टेनमेंट बहुत महत्वपूर्ण हैं। अगर हमने इस तरह के कदम नहीं उठाए होते तो आज देश में कोरोना वायरस पॉजिटिव मामलों की संख्या 2 लाख तक पहुंच चुकी होती।

स्वास्थ्य मंत्रालय में जॉइंट सेक्रटरी लव अग्रवाल ने बताया कि अगर देश में लॉकडाउन लागू नहीं किया गया होता तो कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 41 प्रतिशत बढ़ जाते। इस वजह से 15 तब अप्रैल तक देश में 8.2 लाख से ज्यादा केस हो जाते।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय में जॉइंट सेक्रटरी लव अग्रवाल ने बताया, 'भारत ने कोरोना वायरस से निपटने के लिए ऐहतियाती कदम उठाए। हमने एक ग्रेडेड अप्रोच अपनाया। 2 राज्यों में और केंद्रीय स्तर पर देश में सिर्फ कोरोना वायरस से जुड़े मामलों के इलाज के लिए 587 अस्पताल हैं।' देशभर में 1 लाख आइसोलेशन बेड और 11,500 आईसीयू बिस्तर कोविड-19 के मरीजों के लिए आरक्षित किए गए हैं।

देश में अब तक कोरोना वायरस संक्रमण के कुल 7,447 केस सामने आए हैं। अब तक 643 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस के 1035 नए केस सामने आए हैं और 40 लोगों की मौत हुई है। अब तक देश में इससे 239 लोगों की जान जा चुकी है।

भारत ने अब तेजी से कोरोना वायरस जांच की रफ्तार भी बढ़ाया है। गुरुवार को जहां 16,002 टेस्ट किए गए थे, वहीं शुक्रवार को 16,764 टेस्ट किए गए। इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च के मुताबिक देश में अब तक 1,71,718 सैंपलों की जांच की जा चुकी है। जांच के काम में 146 सरकारी और 67 प्राइवेट लैब मगे हुए हैं।

chandra shekhar