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रायपुर : राज्य निर्माण के 20 साल बाद भी छत्तीसगढ़ के पेंशनर मध्यप्रदेश के भरोसे 

रायपुर : राज्य निर्माण के 20 साल बाद भी छत्तीसगढ़ के पेंशनर मध्यप्रदेश के भरोसे 

एसबीआई में अब तक सेन्ट्रल पेंशन प्रोसेसिंग प्रकोष्ठ नहीं बन पाया : छत्तीसगढ़ के एक लाख से ज्यादा पेंशनर परेशान

रायपुर 19 अक्टूबर। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के राष्ट्रीय महामंत्री एवं छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त  पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 की धारा 49 को विलोपित करने की मांग की है। उन्होंने आज यहां जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि मध्यप्रदेश से अलग होकर छत्तीसगढ़ राज्य को बने 20 वर्ष आगामी एक नवंबर को पूर्ण  होने जा रहे हैं। लेकिन आज भी छत्तीसगढ़ के पेंशनरों को महंगाई भत्ता सहित अपने पेंशन से संबंधित मामलों के निराकरण के लिए मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल स्थित भारतीय स्टेट बैंक के सेन्ट्रल प्रोसेसिंग प्रकोष्ठ के भरोसे रहना पड़ता है। छत्तीसगढ़ बनने के 20 साल बाद भी इस प्रकोष्ठ की स्थापना राजधानी रायपुर में नहीं की गई है। इससे प्रदेश के एक लाख से ज्यादा पेंशनर परेशान हैं और उनमें रोष व्याप्त है।  

 नामदेव ने बताया कि इसका मुख्य कारण यह है कि राज्य पुनर्गठन अधिनियम की धारा 49 को विलोपित नहीं किया गया है। इसके फलस्वरूप मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ सरकारों के बीच पेंशनरों के आर्थिक दायित्वों का वितरण नहीं हो पा रहा है। नामदेव ने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रतिनिधि मंडल ने कुछ माह पहले इस संबंध में राज्यपाल छत्तीसगढ़ को भी ज्ञापन सौंपा गया था,  ज्ञापन में धारा 49 के विलोपन और छत्तीसगढ़ के पेंशनरों के लिए भारतीय स्टेट बैंक के रायपुर मुख्यालय में सेन्ट्रल पेंशन प्रोसेसिंग प्रकोष्ठ स्थापित करने की भी मांग की गई थी।

 इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा 8 जून 2020 को भारतीय स्टेट बैंक के भोपाल स्थित मुख्य महाप्रबंधक को सिर्फ खानापूर्ति के लिए एक साधारणपत्र भेजकर चुप्पी साध ली गई है। 

      फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेंद्र नामदेव एवं फेडरेशन से संबद्ध प्रगतिशील पेंशनर कल्याण संघ के प्रांताध्यक्ष ए एन शुक्ला, पेंशनर एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष यशवन्त देवान तथा भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ के प्रांताध्यक्ष जे पी मिश्रा ने इस संबंध में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को भी ट्वीट कर करते हुए त्वरित निराकरण की मांग की है।