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ब्रेकिंग : केंद्रीय मंत्रिमण्डल में फेरबदल की अटकलें..सहयोगी दलों से बातचीत शुरू..छत्तीसगढ़ से इन नामों पर बन रहा है समीकरण..जानें किनका बोझ होगा कम, किन्हें मिल सकती है नयी जिम्मेदारी

ब्रेकिंग : केंद्रीय मंत्रिमण्डल में फेरबदल की अटकलें..सहयोगी दलों से बातचीत शुरू..छत्तीसगढ़ से इन नामों पर बन रहा है समीकरण..जानें किनका बोझ होगा कम, किन्हें मिल सकती है नयी जिम्मेदारी


नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद का विस्तार हो सकता है. दूसरे कार्यकाल का यह पहला विस्तार होगा. कोरोना संक्रमण के दौरान कई मंत्रियों का निधन और कई मंत्रियों के पास अतिरिक्त जिम्मेदारियां हैं सरकार की कोशिश है कि इन जिम्मेदारियों को बांटा जाये और काम में आसानी हो इसलिए यह विस्तार जरूरी है.


ऐसे कई नेता है जिनका बोझ कम किया जा सकता है अगर इन नेताओं की चर्चा करें तो इसमें प्रकाश जावड़ेकर, पीयूष गोयल, नरेंद्र सिंह तोमर सरीखे कई नेता है जिनके पास दूसरे मंत्रालय भी हैं अगर प्रकाश जावड़ेकर की बात करें तो इनके पास पर्यावरण के साथ- साथ भारी उद्योग है. पीयूष गोयल के पास वाणिज्य और रेल मंत्रालय के अतिरिक्त उपभोक्ता मामला भी है. ऐसे कई नाम है जिन पर मंत्रालय के कई विभागों का बोझ है.

23 मंत्रालयों का चयन किया गया है जिसमें विस्तार होगा. इस विस्तार पर चर्चा के लिए असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुकुल रॉय को बुलाया जा सकता है. एनडीए में शामिल सहयोगी दलों से भी इस पर चर्चा तेज हो गयी है.

इस विस्तार के जरिये मंत्रियों पर से काम का बोझ करने की योजना है. इस विस्तार पर सरकार के अंदर भी चर्चा शुरू हो गयी है कि अटकलें लगायी जा रही हैं कि कई नये नाम इसमें शामिल किये जा सकते हैं. इस पर चर्चा के लिए कई नेताओं को दिल्ली बुलाया जाना है. सिंधिया भी विदेश यात्रा से लौट आये हैं.

खबर तो यहां तक है कि इस बार के विस्तार में बिहार में एनडीए में शामिल जनता दल यूनाईटेड (जदयू) भी शामिल हो सकती है. कैबिनेट और राज्यमंत्री का एक-एक पद इस पार्टी के नेताओं को मिल सकता है. कौन सा पद और किसे कितनी जिम्मेदारी मिलेगी इसी को लेकर चर्चा होनी अभी बाकि है. खबर ये भी है कि बड़े लेवल पर कई चीजें तय हो गयी है, बैठक के बाद उन फैसलों पर सबकी सहमति लेनी बाकी है. अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल ने भी अमित शाह से मुलाकात की थी. इस मुलाकात के कई मायने निकाले गये.
छत्तीसगढ़ से इन नामों पर बन रहा है समीकरण

जहां तक छत्तीसगढ़ की बात है तो यहां से फिलहाल कोई भी नाम प्राथमिकता में नही है. ज्यादा हुआ तो केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह को परफारमेंस के आधार पर बदलने की अटकलें हैं. अगर ऐसा हुआ तो डॉ.सरोज पाण्डेय या रामविचार नेताम की लाटरी लग सकती है! नेताम को आदिवासी होने का फायदा मिल सकता है.