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कलेक्टर ने भैंसमा, तिलकेजा, तुमान, बरपाली धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया

  कलेक्टर ने भैंसमा, तिलकेजा, तुमान, बरपाली धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया

कोरबा । कलेक्टर किरण कौशल ने आज भैंसमा, तिलकेजा, तुमान, बरपाली धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर किसान उत्पादन प्रमाण पत्र, बारदाना की उपलब्धि, जारी किये जा रहे टोकन, पंजी संधारण तथा धान खरीदी की मात्रा का जायजा लिया। कलेक्टर ने समिति के प्रभारियों को पंजीकृत किसानों के धान खरीदी के लिए अधिक से अधिक संख्या में टोकन जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने खरीदी केन्द्र पर अपना धान बेचने आये किसानों से भी बात की तथा धान खरीदी में किसी भी प्रकार की समस्या के बारे में पूछा। उपस्थित किसानों ने कलेक्टर को धान बेचने में किसी भी तरह की समस्या नहीं होने की जानकारी दी। कलेक्टर ने केन्द्र पर धान खरीदी के लिये किये गये इंतजामों का निरीक्षण किया। इस दौरान अतिरिक्त एसडीएम कोरबा  सुनील नायक, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक के नोडल अधिकारी  जोशी एवं जिला खाद्य अधिकारी  आशीष चतुर्वेदी, जिला विपणन अधिकारी भी मौजूद रहे।

कलेक्टर श्रीमती कौशल ने चारों धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी से संबंधित रजिस्टरों, बारदानों की उपलब्धता, नमीं मापक यंत्र, समर्थन मूल्य से संबंधित डिस्प्ले और बारिश की स्थिति में धान को बचाने के लिये तारपोलिन आदि की व्यवस्था की जानकारी ली। श्रीमती कौशल ने धान खरीदी के लिये पंजीकृत किसानों की संख्या पटवारियों द्वारा बोंये गये धान के रकबे के सत्यापन की सूचना देने की जानकारी किसानों से ली। किसानों ने बताया कि खरीदी शुरू होने के पहले राजस्व अमले द्वारा बोयें गये धान के रकबे के सत्यापन करने की जानकारी उन्हें दी गई थी और पटवारियों द्वारा उनके खेतों में जाकर धान का सत्यापन भी किया गया है। कलेक्टर ने बोंये गये धान के रकबे के आधार पर धान खरीदने के लिये टोकन जारी करने आदि के बारे में भी पूछा। श्रीमती कौशल ने खरीदी केन्द्र पर रखे बारदानों को भी देखा और खरीदे गये धान से भरे बोरों की स्टैगिंग ठीक ढंग से करने के निर्देष उपस्थित कर्मचारियों को दिये। कलेक्टर ने खरीदे जा रहे धान में से कुछ बोरों से धान हाथ में लेकर नमीं भी जॉंची और उचित नमीं वाला धान ही समिति को खरीदने के लिये निर्देशित किया। उन्होंने धान उपार्जन केन्द्रों में पंजीकृत किसानों, टोकन की व्यवस्था, कम्प्यूटर उपकरण, नमी मापक यंत्र सहित उपलब्ध नये-पुराने बारदाने की जांच की।