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खुटादहरा के रोजगार सहायक पर मस्टररोल मे फर्जीवाड़ा का लगा आरोप

खुटादहरा के रोजगार सहायक पर मस्टररोल मे फर्जीवाड़ा का लगा आरोप

सक्ति18/2020 ।  जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम खुटादहरा में सरपंच तथा रोजगार सहायक के मिली-जुली ग्राम सरकार में आजकल कुछ आश्चर्य से कम नहीं हो रहा है वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण तथा उससे उत्पन्न भय किसी से छिपी हुई नहीं है इस स्थिति में भी मनरेगा के तहत कार्य करने की स्वीकृति प्रदान की गई है जिसके चलते रोजगार सहायक एवं सरपंच के तेरी मेरी यारी वाली तर्ज पर जो हो रहा है वह हैरान कर देने के लिए काफी है बताया जा रहा है कि रोजगार सहायक एवं सरपंच ऐसे लोगों के नाम भुगतान दर्शा कर फर्जी मस्टररोल तैयार कर रहे है जिनका उम्र 75 से 80 साल के बुजुर्ग बताए जाते हैं ऐसे लोगों को रोजगार मुहैया कराकर फर्जी रिपोर्ट तैयार करते हुए भुगतान दर्शा कर फर्जीवाड़ा करने की बात सामने आ रही है ।

ग्राम के ही प्रमुख कर्ताधर्ता तथा सरकारी प्रतिनिधि रोजगार सहायक के द्वारा इस तरह का फर्जीवाड़ा किया जाता है तो वह अपने आप में बहुत गंभीर मामला बन जाता है तो वही सरपंच के द्वारा जो किया जा रहा है वह समस्त ग्राम वासियों के साथ किसी गंभीर धोखा से कम नहीं है जहां लोगों को इन प्रमुख ग्राम प्रतिनिधियों के माध्यम से शत-प्रतिशत रोजगार उपलब्ध कराना चाहिए वहां इनके द्वारा मिलीभगत करके शासन को लाखों रुपए का चूना लगाने का काम किया जा रहा है।

मनरेगा एक माध्यम है जिसमें लोगों को निसंदेह बेहतर ढंग से काम उपलब्ध कराया जाता है लेकिन राष्ट्रीय स्तर के रोजगार कार्यक्रम में रोजगार उपलब्ध कराने वाला कार्य को भी ग्राम के सरपंच तथा रोजगार सहायक ने भ्रष्टाचार का नया कारनामा कर दिखाया है ग्राम प्रतिनिधि के द्वारा इस तरह का भ्रष्टाचार युक्त कारनामा किया जा रहा है तो इस बात की क्या गारंटी कि वह जो पात्र लोगों को रोजगार उपलब्ध करा रहे हैं उन्हें भी सही ढंग से मेहनताना अथवा मजदूरी का भुगतान किया जाता होगा इसमें भी उनके द्वारा गंभीर भ्रष्टाचार और भुगतान लीपापोती का मामला जांच पर खुलकर सामने आ सकता है इस पर प्रशासन को गंभीरतापूर्वक जांच करते हुए सही अर्थों में कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि औरों को भी इस पर सबक मिल सके