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राजीव गांधी किसान न्याय योजना की भांति कर्मचारी-पेन्शनर कल्याण योजना लांच करे छत्तीसगढ़ सरकार

राजीव गांधी किसान न्याय योजना की भांति कर्मचारी-पेन्शनर कल्याण योजना लांच करे छत्तीसगढ़ सरकार


रायपुर, 28 मई। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ छत्तीसगढ़ प्रदेश जिला रायगढ़ के अध्यक्ष एवं  छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के जिला प्रवक्ता तीरथ यादव ने विज्ञप्ति जारी कर बताया है कि राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के पूर्व प्रांताध्यक्ष रहे वरिष्ठ कर्मचारी नेता तथा वर्तमान में अनेक सामाजिक सस्थाओं से जुड़े छत्तीसगढ़ राज्य संयुक्त पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को ट्यूटटर के माध्यम से ट्यूटकर सलाह दिया है कि कर्मचारी जगत और राज्य के बुजुर्ग पेन्शनर लगभग कई वर्षो से राज्य सरकार के समक्ष अपने समस्याओं को लेकर संघर्ष रत है, चर्चा-पर्चा और प्रदर्शन, धरना आन्दोलन के द्वारा ध्यान आकर्षित करते आ रही है, परन्तु समस्याओं का निदान नही हो रहा है ऐसे स्थिति में राज्य सरकार को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की भांति कर्मचारी- पेन्शनर न्याय योजना लांच करने की जरूरत है।

समस्याओं के निराकरण में पूर्व और वर्तमान दोनों ही सरकार गम्भीर नहीं रहे है, जिसके कारण कर्मचारी जगत उचित न्याय से वंचित और व्यथित है। कर्मचारी और पेन्शनर संगठन लगातार प्रयास के बाद भी कांग्रेस सरकार में सरकार के मुखिया से टेबल टॉक के माध्यम से अपनी न्याय संगत बातें रख पाने में  असफल है। इसलिए कर्मचारी जगत और पेंशनर्रो के समस्याओं के निराकरण के लिये राजीव गांधी किसान न्याय योजना की भांति कर्मचारी- पेन्शनर कल्याण योजना लांच करने की जरूरत है।जिसमें हर विभाग के सचिव और मंत्री से समय समय पर सीधे टेबल टॉक के निश्चित अवसर की योजना से त्वरित कार्यवाही होगी और  कर्मचारियों और पेंशनर्रो को समय पर न्याय मिलने में सहूलियत होगी।

 विभिन्न पेन्शनर संगठनों से जुड़े रायगढ़ जिले के क्रमशः हेमप्रसाद तिवारी, डॉ एन सी नन्दे, डॉ विजय डिवोडिया,ललित मोहन बेहरा,पी एस राजपूत, आई एस परिहार,असीमा कुंडु, एस के मसीह, नन्दलाल नायक, रोज़ालिया लकड़ा, सुभाष गायकवाड़, प्रभुदयाल पटवा,मोहन अग्रवाल, श्यामलाल चौहान,प्रेमचन्द जैरथ,भागीरथी डनसेना,टीकम मिश्रा, महावीर प्रसाद राठौर, बी एस नागेश,पालूराम सारथी,दुलीचन्द देवांगन,शिवशंकर यादव,अक्षय मिश्रा,डीआर साहू,जे डी महंत,के पी पटेल, हीरालाल हरदिहा पुरन्दर पटेल,मदन सिंह, टी पी नामदेव, एन के महापात्र, पआदि ने आगे बताया  है कि सम्प्रति कर्मचारी और पेन्शनर महंगाई भत्ता, पदोन्नति, पुरानी पेंशन योजना,संविदा एवं दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का  नियमितीकरण,अनिवार्य सेवानिवृत्ति,वेतन विसंगति और म प्र राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के तहत पेंशनरी दायित्वों का बंटवारा,सेंटल पेंशन प्रोसेसिंग सेल (फुल स्ट्रेंथ) स्टेट बैंक की छत्तीसगढ़ में स्थापना,बस यात्रा में किराए में छूट का प्रावधान के साथ साथ समय समय पर शासन द्वारा जारी किये गए आदेश के परिपालन कराये जाने की मांग को लेकर लगातार जूझ रहे हैं।मगर स्थिति यह है कि न्याय संगत बातो को सुनकर उस पर अमल करने की जरूरत से जिम्मेदार लोगों को कोई मतलब नहीं है परन्तु यदि राज्य सरकार कर्मचारी - पेन्शनर न्याय योजना लांच करती है तो   यह दूसरे राज्यों के लिये भी अनुकरणीय होगा।