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मासूम के साथ दुष्कर्म, फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश यशवंत सारथी का क्या है निर्णय,पढ़िए पूरी खबर

मासूम के साथ दुष्कर्म, फास्ट ट्रैक कोर्ट के विशेष न्यायाधीश यशवंत सारथी का क्या है निर्णय,पढ़िए पूरी खबर

सक्ती। फास्ट ट्रैक कोर्ट  के विशेष न्यायाधीश यशवंत कुमार सारथी ने  7  1/2   वर्ष की  मासूम बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में अभियुक्त के विरुद्ध आरोपित अपराध प्रमाणित पाए जाने पर  आरोपी को 20 वर्ष की कठोर कारावास एवं अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय पारित किया है। 

     विशेष लोक अभियोजक पोक्सो  राकेश महंत के अनुसार यह   घटना जांजगीर-चांपा जिले के मालखरौदा थाना क्षेत्र की है। दिनांक 30 जुलाई 2020 को प्रातः लगभग 11:00 बजे मासूम बालिका अपने घर के पास अन्य बच्चों के साथ झूला झूल रही थी  तभी आरोपी आया और  मासूम बालिका  को गोद में उठाकर पास में बन रहे  निर्माणाधीन मकान में ले जाकर उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया मासूम बालिका के चिल्लाने पर तथा वहां खेल रहे बच्चों द्वारा अभियुक्त को ईट पत्थर मारने पर अभियुक्त बालिका को छोड़कर भाग गया घटना को मासूम बालिका ने घर आकर अपने माता-पिता सहित परिवार के अन्य लोगों को बताया तथा घटना की त्वरित  रिपोर्ट थाना मालखरौदा  में बालिका के माता  ने दर्ज कराई  थाना  द्वारा अभियुक्त के खिलाफ धारा 376  दो (झ) भारतीय दंड संहिता एवं 4 पोक्सो एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर अभियुक्त को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया एवं विवेचना उपरांत विशेष न्यायालय शक्ति में अभियुक्त के खिलाफ अभियोग पत्र पेश किया गया विशेष न्यायालय पोक्सो एक्ट फास्ट ट्रैक कोर्ट शक्ति में संपूर्ण सुनवाई उपरांत अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपित अपराध प्रमाणित किए जाने पर तथा न्यायालय द्वारा  अभियुक्त के खिलाफ आरोपित अपराध प्रमाणित  एवं दोष सिद्ध पाए जाने पर  विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट यशवंत कुमार सारथी ने  अभियुक्त राजेंद्र  यादव पिता पितांबर यादव उम्र 20 वर्ष निवासी दर्रा भाटा थाना मालखरौदा जिला जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़ को  उक्त धाराओं के अपराध के लिए दोष सिद्ध  पाया  तथा लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम सन 2012 की धारा 4 की उप धारा दो के तहत अभियुक्त को 20 वर्ष की सश्रम कारावास एवं ₹10000 की जुर्माना  तथा अर्थदंड की राशि न्यायालय में जमा नहीं करने पर 6  माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा अभियुक्त को दिया गया है   छत्तीसगढ़ राज्य अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी शासकीय विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो  राकेश महंत ने किया!