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छोटी बहन के साथ ख़ौफ़ में जीने को मजबूर, युवती ने आईजी से लगाई गुहार

 छोटी बहन के साथ ख़ौफ़ में जीने को मजबूर, युवती ने आईजी से लगाई गुहार

चंद्र प्रकाश साहू

न्याय के लिए गुहार लगाती युवती ने कहा पिता की हुई मौत के बाद माँ ने भी छोड़ी दुनिया, बुआ करती है घर में घुस कर मारपीट
सुरजपुर।  जिले के नए पुलिस कप्तान के रुप में एक महिला आईपीएस अधिकारी को सुरजपुर का जिम्मेदारी शॉपी गई है। जिनके सामने बड़ी चुनौती है। एक पीड़ित युवती को न्याय दिलवाने के लिए, पीड़ित युवती अपने रिश्तेदार से परेशान होकर न्याय के लिए पुलिस थाना में गुहार लगाई। जहां पुलिस ने उसकी शिकायत को समझना तो दूर आवेदन लेना तक उचित नही समझा पीड़िता सरगुजा आईजी से न्याय की गुहार लगाई है।

दरअसल मामला जिले के कॉलरी क्षेत्र एसईसीएल के कॉलोनी बिटेप की युवती मनप्रीत कौर पिता स्व. कुलवंत सिंह, जो कि एसईसीएल में नौकरी करते थे। जिनकी मृत्यु 2015 में हो गई थी। पीड़ित युवती मनप्रीत कौर बताती है कि 3 बहने है जिसमें एक बहन का शादी हो चुका है और साथ मे दो बहने रहती है। आगे कहती है कि पापा के मौत के बाद माँ को सदमा लगा और माह दिसम्बर 2020 में 6 माह पूर्व उनकी मौत हो गई हैं।
उनके पिता की मौत होने के बाद से उनकी सगी बुआ कश्मीर कौर उर्फ बेबी जिसकी एक पुत्री है और एक पुत्र है। जो कि एसईसीएल क्षेत्र में घर बनाकर रहती है। हमारी बुआ और उनके बच्चों द्वारा पिछले कुछ वर्षों से पापा के मौत के बाद आय दिन गाली गलौच करते हुए मारपीट घटना को अंजाम देती है साथ मे घर मे घुस कर तोड़ फोड़ करते रहती है। इससे पूर्व भी मारपीट को अंजाम दी थी जिसका शिकायत पूर्व में विश्रामपुर थाना में दी गई थी। जिसमे पुलिस द्वारा कोई भी कार्यवाही नही होने पर सामाजिक न्याय के लिए सिख समाज मे शिकायत की गई थी। जिसमे गुरुद्वारा कमेटी ने दोनों परिवारों को बैठा कर मझाइस दी गई थी। इस दौरान मेरी बुआ कश्मीर कौर मेरे घर आएगी और ना ही हम उनके घर जाएंगे। समझाइस के कुछ माह तक लड़ाई झगड़ा नही की। माँ के मौत के बाद हमे अकेले देख आय दिन फिर से हमारे घर मे घुस कर मारपीट की घटना को अंजाम दे रही है। आगे कहती है कि मेरे ऊपर पापा के गुजर जाने के बाद माँ के इलाज के लिए काफ़ी आर्थिक खर्च हुए जिससे के कारण बाजार से कर्ज लेकर घर चला रही हूं, मेरी छोटी बहन जो कि अमन दीप कौर जो कि 19 -20 वर्ष की है। उसके पढ़ाई लिखाई करानी है। लड़ाई झगड़े के कारण पूछने पर कहती है कि मेरे पापा के मौत के बाद हमें अनुकंपा नियुक्ति मिलनी है। जिसके कारण मेरी बुआ कश्मीर कौर अपने बेटे को जॉब दिलवाने के लिए मेरे परिवार को परेशान करती है ताकि हम यहां छोड़ कर चले जाएं और मिलने वाली अनुकम्पा नियुक्ति में मेरी बुआ हासिल कर सके। विश्रामपुर थाना में 27 जून 2021 को लिखित आवेदन दी गई। पुलिस द्वारा करीब शाम के लगभग 4 बजे के आस पास गए हुए थे। किंतु पुलिस हमें बरगलाते रहे जिसके बाद पुलिस थाना रात्रि में गए  रात्रि 10 बजे तक घुमाते रहें, आगे कहती है कि आवेदन दी किंतु पुलिस ने पावती नही दिया बल्कि बदसलूकी करने लगे, जिसका सबूत के तौर पर आडियो है। दूसरे दिन 28 जून को सुरजपुर पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की गई। और 29 जून को सरगुजा आईजी के समक्ष आवेदन देकर पावती ली है। आगे कहती है कि पुलिस भी कश्मीर कौर की ही सुनती है उसके पास पैसे है, राजनीतिक पहुँच रखती है। या कारण हमें न्याय के लिए दफ्तरों के दफ्तर चक्कर लगाने को मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि पुलिस को निष्पक्ष जांच कर दोषियो पर अपराध दर्ज करना चाहिए।