लॉकडाउन : छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकोें को दी गई सहायता राशि

लॉकडाउन : छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में फंसे श्रमिकोें को दी गई सहायता राशि


रायपुर। नगरीय प्रशासन एवं श्रम मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया ने आज विडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिये मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा की। इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव श्री सोनमणि बोरा और नगरीय प्रशासन विभाग की सचिव अलरमेलमंगई डी भी उपस्थित थें।


    श्रम मंत्री डॉ. डहरिया ने बताया कि कोरोना वायरस के संक्रमण से सुरक्षा के लिए लागू लॉकडाउन के दौरान छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में फंसे सात हजार 384 श्रमिकों को 49 लाख 26 हजार 900 रूपए की आर्थिक सहायता दी गई। उन्होंने बताया कि विभिन्न माध्यमों से प्राप्त सूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ के जिलों एवं राज्य से बाहर लगभग एक लाख 62 हजार 649 श्रमिकों की समस्याओं का निराकरण किया गया और उन्हें लाभांवित किया गया।


    श्रम मंत्री ने बताया कि श्रमिकों की समस्याओं के लिए राज्य स्तर पर 24ग7 हेल्पलाईन 0771-2443809, 91098-49992 एवं 75878-22800 तथा सभी 27 जिलों में हेल्पलाईन नंबर स्थापित किये गये हैं। राज्य हेल्पलाईन द्वारा अब तक 4357 सूचनाएं प्राप्त हुई है जिसमें से 4163 सूचनाओं का निराकरण तत्काल किया गया एवं जिला हेल्पलाईन नंबर से अब तक कुल 1792 सूचनांए प्राप्त हुई है, जिसमें से 1788 सूचनाओं का निराकरण तत्काल किया गया। श्रम विभाग को अब तक कुल 6149 सूचनाएं प्राप्त हुई हैं जिसमें से 5951 सूचनाओं का निराकरण तत्काल किया गया है।


    छत्तीसगढ़ के कुछ जिलों की श्रमिक अन्य राज्यांे में लॉकडाउन के दौरान फंसे हुए है। उनकी समस्याओं को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों के खाते में नगद राशि का भुगतान किया गया है। जिनमें मुंगेली जिले के 3432 श्रमिक बेमेतरा जिले के 3553, कबीरधाम के 274, दुर्ग-58, रायगढ़-30, सूरजपुर-29, गरियाबंद-5, कोरबा-2 और बलरामपुर जिले के एक श्रमिक को मिलाकर कुल 7379 श्रमिकों के खाते में कुल 49.27 लाख रूपये का भुगतान किया गया। राहत शिविरों एवं औद्योगिक परिसर तथा कार्यस्थल में रह रहे लगभग 38 हजार 404 श्रमिकों, व्यक्तियों के लिये प्रशासन एवं अन्य संगठनों के माध्यम से भोजन, राशन एवं अन्य व्यवस्था करायी गई है।


    राज्य में  हेल्पलाईन, जिला हेल्पलाईन, सोशल मिडिया, प्रिंट एवं इलेक्ट्रोनिक मिडिया, जनप्रतिनिधि एवं अधिकारियों से सीधे संपर्क एवं अन्य स्त्रोतों से प्राप्त जानकारी के आधार पर अब तक छत्तीसगढ़ के अन्य राज्यों में कुल 64 हजार 416 प्रवासी श्रमिकों को राशन एवं अन्य आवश्यकताओं, समस्याओं का निराकरण किया गया। सबसे ज्यादा जम्मू-15 हजार 855, महाराष्ट्र-11 हजार 718, उत्तर प्रदेश-10 हजार 365, तेलंगाना- सात हजार 927, गुजरात-5 हजार 599, मध्यप्रदेश- एक हजार 686, हिमांचल प्रदेश-एक हजार 575, कर्नाटक-एक हजार 427, तमिलनाडू- एक हजार 404, दिल्ली-एक हजार 228 एवं राज्यों में होने की सूचना मिली, जो कि बलौदा-बाजार-20 हजार 424, जांजागीर-चांपा-11 हजार 159, मुंगेली-6 हजार 144, कबीरधाम-5 हजार 850, राजनांदगांव-5 हजार 365, बिलासपुर-4 हजार 129, बेमेतरा-3 हजार 559, रायगढ़-2 हजार 112, रायपुर-एक हजार 352, दुर्ग एक हजार 187, गरियाबंद-622, सूरजपुर-464, महासमुंद 424, बालोद-332 एवं 327 कोरबा जिलों से संबंधित हैं।

    श्रम विभाग के 62 अधिकारियों की टीम द्वारा 480 कारखानों, औद्योगिक संस्थानों का विजिट किया गया, जिसमें श्रम विभाग के द्वारा नियोजकों के माध्यम से कुल 102.15 लाख रूपए की सहायता नगद एवं राशन उपलब्ध कराई गई।

    रायगढ़ में श्रमिकों को 15 दिन के वेतन के बराबर एडवांस रूपये 21 लाख 39 हजार 550 रूपए, दुर्ग में 60 हजार रूपए, बस्तर में 27 हजार रूपए, जांजगीर-चांपा में  एक लाख 20 हजार 500 रूपए उनके नियोजकों से दिलवाया गया एवं कोरबा जिले में श्रमिकों को एक लाख 29 हजार 805 रूपए एडवांस सैलरी नियोजक द्वारा दिलवाई गई। इस प्रकार वेतन एडवासं के रूप में श्रमिकों को 24 लाख 76 हजार 855 रूपए की सहायता दिलवाई गई।

    ईएसआई के माध्यम से राज्य भर में 42 क्लीनिक संचालित हैं, जिसके माध्यम से 20 हजार 583 श्रमिकों को इलाज एवं दवा वितरण किया गया है।

    रायगढ़ के श्रमिक  रोहित सिंह के भुटान देश में संकटापन्न स्थिति की जानकारी प्राप्त होने पर नोडल अधिकारी एवं श्रम सचिव,  सोनमणि बोरा द्वारा भुटान में नियोजक से संपर्क कर समन्वय करते हुये श्रमिक को वेतन सहित राशन की व्यवस्था करवायी गयी।

    इस प्रकार मुंगेली जिले के श्रमिक कमल साहू की मृत्यु, प्रयागराज उत्तर प्रदेश में निर्माणाधीन मकान में कार्य के दौरान होने की सूचना प्राप्त होते ही तत्काल उनके परिवार को, नियोजक के माध्यम से क्षतिपूर्ति राशि एक लाख 20 हजार रूपए दिलाई गयी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ भवन सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल मुंगेली के द्वारा मृत्यु अनुदान सहायता राशि एक लाख 5 हजार रूपए देने की व्यवस्था की गयी।

chandra shekhar