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पौनी पसारी लेने लगा आकार, जल्द ही शुरू होगा पारंपरिक व्यापार

पौनी पसारी लेने लगा आकार, जल्द ही शुरू होगा पारंपरिक व्यापार

नगर पालिका अध्यक्ष ने रखी पौनी पसारी योजना की आधारशिला

सूरजपुर, 21 मार्च। परंपरागत व्यवसाय एवं इससे जुड़े गरीब एवं लघु व्यवसायियों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ राज्य की महत्वकांक्षी पौनी पसारी योजना के तहत जिला मुख्यालय सूरजपुर में शीघ्र ही व्यवसायिक परिसर का निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा और संबंधित गरीबों को व्यवसाय के लिए इस परिसर में स्थल आवंटित किया जाएगा।

इस संबंध में नगर पालिका अध्यक्ष केके अग्रवाल एवं लोक निर्माण विभाग की सभापति मंजू गोयल ने पौनी पसारी की आधारशिला रखने के बाद संयुक्त रूप से बताया कि पौनी पसारी व्यवसायिक परिसर अब आकार लेने लगा है, अप्रैल माह में पूर्ण हो जाने की संभावना है। कार्य पूर्ण होने के तत्काल बाद परंपरागत व्यवसाय जैसे झाड़ू, बांस की टोकरी, झेलगी, रस्सी, मिट्टी के बर्तन, लकड़ी के बर्तन, खिलौने, काष्ठ कला, मिट्टी कला, मटका, हस्तकला और विभिन्न ऐसे ही लघु व्यापार व निर्माणकर्ता व्यवसायियों को व्यवसायिक स्थल उपलब्ध कराया जाएगा, इनके अलावा फूल माला, पूजन सामग्री, केस कर्तन, जंगली जड़ी बूटी से जुड़े छोटे मझोले व्यापारी भी इस परिसर में व्यवसाय का संचार कर सकेंगे। नगर पालिका परिषद इन के लिए परिसर में विद्युत प्रकाश की व्यवस्था के साथ ही पेयजल और शौचालय जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं भी प्रदान करेगी। पौनी पसारी व्यवसायिक परिसर के शिलान्यास अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष केके अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग की सभापति मंजू गोयल, प्रेस क्लब के अध्यक्ष प्रवेश गोयल, विधायक प्रतिनिधि सुनील अग्रवाल, स्थानीय पार्षद संजू सोनी, प्रभारी नगर पालिका अधिकारी क्षितिज कुमार सिंह के अलावा उपयंत्री मोनिका प्रसाद व अन्य गणमान्य जन उपस्थित रहे।


पौनी पसारी के निर्माण में खर्च होंगे 60 लाख

नगर पालिका अधिकारी क्षितिज कुमार सिंह ने बताया कि पौनी पसारी योजना में 46 लाख रुपए से सैड व शौचालय इत्यादि का निर्माण किया जाएगा जबकि अन्य सुविधाओं के लिए 14 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। पौनी पसारी को सजाने संवारने और बनाने के साथ-साथ सुविधाएं विकसित करने में निकाय 60 लाख रुपए खर्च करेगी।

सप्ताहिक नहीं रोज खुलेगा परंपरागत व्यापार

नगर पालिका अध्यक्ष केके अग्रवाल ने बताया कि पौनी पसारी व्यवसायिक परिसर में प्रतिदिन लघु एवं सीमांत व्यवसायी अपने व्यवसाय का संचालन कर सकेंगे। इनके लिए सप्ताह में 1 दिन बाजार की तरह व्यवसाय संचालन की बाध्यता नहीं होगी ।