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मीडिया के खबरों को संचालक कोष लेखा पेंशन ने संज्ञान में लेकर प्राधिकृत बैंकों को निर्देश जारी किया : पेंशनरों ने आभार जताया

मीडिया के खबरों को संचालक कोष लेखा पेंशन ने संज्ञान में लेकर प्राधिकृत बैंकों को निर्देश जारी किया : पेंशनरों ने आभार जताया


पेंशनर्स फेडरेशन ने कोषालयों के कार्यप्रणाली पर असंतोष जताया

रायपुर, 21 जून।  समाचार पत्रों, ई-पोर्टल तथा सोशल मीडिया में पेन्शनर फेडरेशन के द्वारा प्रकाशित समाचारों को संज्ञान में लेकर   उन समाचारों का उल्लेख करते हुये संचालनालय कोष लेखा एवं पेंशन इन्द्रावती भवन नवा रायपुर ने प्राधिकृत बैंकों को परिपत्र जारी कर राज्य के पेंशनरों के सहायता हेतु बैंको में हेल्प डेस्क स्थापित करने और छत्तीसगढ़ शासन के आदेश के परिपालन में पेंशनरो को बिना रुकावट 80 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बुजुर्ग पेंशनरो को अतिरिक्त पेंशन राशि का तत्काल भुगतान करने को कहा है। उक्त जानकारी विज्ञप्ति में छत्तीसगढ़ राज्य सँयुक्त पेंशनर्स फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने दी हैं।

उन्होंने आगे बताया है कि राज्य के अनेक  पेन्शनर माह फरवरी 21 से मासिक पेंशन से आज भी वंचित है।इस बारे में पेंशनर्स फेडरेशन को सेन्ट्रल पेंशन प्रोसेसिंग सेंटर स्टेट बैंक गोविंदपुरा भोपाल द्वारा अवगत कराया गया कि बैंको मे पेंसनर्स के जीवन प्रमाण पत्र जमा नहीं होने से यह स्थिति निर्मित हुई हैं, जब पेंशनरो ने बैंक में जमा होने का पावती दिखाया तो बताया गया कि मिसिंग है अतः पुनः जमा करें। तदनुसार फिर से जीवन प्रमाणपत्र जमा होने पर रुके हुए पेशन जारी किया जा रहा है,परन्तु प्राधिकृत बैंकों द्वारा वास्तविक जानकारी नहीं देने के कारण आर्थिक, मानसिक एवं शारीरिक रूप से परेशान अनेक पेन्शनर अभी भी भटक रहे हैं।


पेन्शनर फेडरेशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने नीलकंठ टेकाम, संचालक, कोष लेखा एवं पेंशन के द्वारा मीडिया के खबरों को संज्ञान में लेकर त्वरित गति से कार्यवाही करने पर आभार जताते हुए कहा है कि राज्य के पेशनर्स बैंक के अलावा सबसे ज्यादा उनके अधीनस्थ जिला कोषालय एवं सँयुक्त संचालक कोष लेखा एवं पेंशन कार्यालय के कार्यप्रणाली से परेशान हो रहे हैं, रिटायर हो रहे नये लोगो के पी पी ओ जारी करने में लेटलतीफी और जानबूझकर प्रकरण के निपटारे को लटकाये रखने की परम्परागत आदत  से वे आहत हैं। सबसे ज्यादा फेमली पेन्शनर के मामलों के लंबित रखे जाने पर रोष जताया हैं।

यह भी उल्लेखनीय है कि शासन आदेश के बावजूद उम्र के अंतिम पड़ाव में जीवन यापन कर रहे,खड़े होने और चलने में असमर्थ बुजुर्ग पेंशनरो के लिए बैठने की किसी भी सम्बंधित कार्यालय में कोई व्यवस्था नहीं हैं। सम्बंधित लोग सही जानकारी से भी नहीं अवगत कराते हैं अंततः पेन्शनर यहाँ वहाँ घूम रहे दलालों के चक्कर मे फँसकर अपनी पूंजी लुटानें मजबूर हो जातें हैं। 

 उन्होंने जारी विज्ञप्ति में पेंशन प्रकरणों के अन्य जिलों अथवा राज्यो में स्थानांतरण करने हेतु दिये गये आवेदनों के कोषालयो में लम्बे अरसे लंबित रखे जाने पर भी चिन्ता जाहिर किया है। उन्होनें कहा है कि  बैंक के अलावा कोषालय अधिकारियों और कर्मचारियों पर हर प्रकरण के निराकरण हेतु समयसीमा निश्चित करने के साथ साथ जानबूझकर परेशान करनेवाले लोगो को हतोत्साहित करने सख्त कार्यवाही करने की ज्यादा जरूरत बल दिया है।