'तब्लीगी जमात के लोग महिलाओं के सामने नंगा घूमते हैं इसलिए इलाज करना संभव नही, गाज़ियाबाद जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने थाना घंटाघर कोतवाली में कराई एफआईआर

'तब्लीगी जमात के लोग महिलाओं के सामने नंगा घूमते हैं इसलिए इलाज करना संभव नही, गाज़ियाबाद जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने थाना घंटाघर कोतवाली में कराई एफआईआर

लखनउ. उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में तब्लीगी जमात में शामिल हुए मुसलमानों ने हद कर दी। जब एहतियात के तौर पर उनको अस्पताल के वार्ड में रखा गया तो वे वहां नंगे घूमने लगे, नर्सों के साथ अभद्रता की.

गाज़ियाबाद जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने थाना घंटाघर कोतवाली में तहरीर दी है. तहरीर में आरोप लगाया है कि "जिला एम.एम.जी चिकित्सालय में तैनात स्टाफ नर्सों के द्वारा 1 अप्रैल को लिखित रूप से अवगत कराया गया कि आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कोरोना के संदिग्ध मरीज वार्ड में बिना पजामे के नंगे घूम रहे हैं. वार्ड में मोबाइल फोन पर अश्लील गाने बजा रहे हैं. स्टाफ नर्स और कर्मचारियों से बीड़ी - सिगरेट की मांग कर रहे हैं. महिला स्टाफ को अश्लील इशारे कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में इलाज कर पाना संभव नहीं है."

गाज़ियाबाद जनपद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने ऐसे 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है.किसी को बर्दाश्त करने की भी हद होती है. कोरोना महामारी पर कुछ मुसलमानों का रवैया अब सभी हदें पार कर चुका लगता है. अपनी जान जोखिम में डालकर उनके इलाज में जो नर्स लगी हुई हैं. उनके सामने तब्लीगी जमात के लोग वार्ड में नंगे घूम रहे हैं . इन लोगों को जिला एम.एम.जी चिकित्सालय के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था. ये लोग तब्लीगी जमात में शामिल हुए थे. इन लोगों को वहां पर इसलिए रखा गया है ताकि इनकी जांच की जा सके. 14 दिन तक अगर कोई लक्षण नहीं दिखाई देता है तो इन्हें घर जाने दिया जाएगा. मगर इन लोगों ने अस्पताल में ऐसी - ऐसी हरकत करना शुरू कर दिया जिससे वहां की नर्स ड्यूटी नहीं कर पा रही हैं .

गाजियाबाद डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी की शिकायत पर जांच के आदेश दिए हैं. गाज़ियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने बताया कि "मुख्य चिकित्सा अधिकारी की तरफ से शिकायत मिली है जिसमे कतिपय आरोप लगाये गए हैं. एफआईआर दर्ज कर ली गई है. आवश्यक कार्रवाई की जा रही है."