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सुसाइड केस : ट्रेनी आइपीएस एफआईआर नही कराना चाहती थी,​ फिर भी युवक को पुलिस ने गिरफतार किया, युवक ने कर ली आत्महत्या

सुसाइड केस : ट्रेनी आइपीएस एफआईआर नही कराना चाहती थी,​ फिर भी युवक को पुलिस ने गिरफतार किया, युवक ने कर ली आत्महत्या

रायपुर. स्थानीय पुरानी बस्ती थाना में पदस्थ प्रशिक्षु आइपीएस आफिसर से तथाकथित छेड़छाड़ करने के मामले में गिरफतार युवक ने अंतत: फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. आरोप है कि महिला की झूठी शिकायत पर धर्मेंद्र को थाने लाया गया और उसे रातभर क्रिमिनल की तरह लॉकउप में बैठाया गया.

इससे युवक व्यथित था और अपना कैरियर तबाह होने की बात कर रहा था. उसका आरोप है कि उसे मु​जरिम की तरह हथकड़ी लगाकर पेश किया गया और थाने में बिठाया गया. इससे वह इतना इताश हुआ कि आत्महत्या कर ली. जिले के मुजगहन थाना क्षेत्र में मंगलवार को छात्र धर्मेंद्र आदिले सुसाइड केस में उसके परिजनों ने थाना प्रभारी पुरानीबस्ती पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है.

आरोप है कि महिला की झूठी शिकायत पर धर्मेंद्र को थाने लाया गया और उसे रातभर क्रिमिनल की तरह लॉकउप में बैठाया गया. पुलिस ने युवक के मोबाइल की चेटिंग भी डिलीट करा दी जिससे पुलिस की एकतरफा कार्रवाई का पता चलता. महिला ने जब केस दर्ज कराने से इनकार कर दिया, इसके बाद भी थाना प्रभारी ने जबरन उस पर केस दर्ज किया।

आरोप है, थाना प्रभारी ने उसे मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया, वह डिप्रेशन में चला गया। एसडीएम कोर्ट से जमानत के बाद घर लौटने पर किसी से बात नहीं की। थाने में केस दर्ज होने से मृतक धर्मेेंद्र को कैरियर समाप्त होने का भय हो गया था। इससे आहत होकर उसने मंगलवार रात ग्राम शिवनी मुजगहन स्थित अपने मामा रवि गिलहरे के मकान में पंखे से रस्सी के सहारे लटककर आत्महत्या कर ली।

बड़ा सवाल यह है कि जब एफआईआर ही नही हुई तो युवक को हथकड़ी लगाकर कैसे गिरफतार किया गया और उसे थाने में क्यों बिठाकर रखा गया.