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मंत्रीपुत्र की बदनामी कर भाजपा ओछी राजनीति कर रही - अनिल किस्पोट्टा

मंत्रीपुत्र की बदनामी कर भाजपा ओछी राजनीति कर रही - अनिल किस्पोट्टा

जशपुर, 26 फरवरी।  आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अनिल किस्पोट्टा ने छत्तीसगढ़ के खाद्य मंत्री के सुपुत्र आशीष भगत द्वारा कोरवा परिवार के जमीन खरीदी मामले में कहा कि भारतीय जनता पार्टी के द्वारा बेबुनियाद आरोप लगाया जा रहा है, जबकि विक्रेता कोरवा परिवार  द्वारा स्वयं की भूमि को बेचने के उद्देश्य से मंत्री के पुत्र से सम्पर्क किया और लेनदेन तय हुआ, सौदा तय होने के पश्चात नियमतः शासकीय नियमों के अनुसार भूमि की रजिस्ट्री की गई।

उन्होंने आगे कहा कि इसे भारतीय जनता पार्टी के द्वारा छलपूर्वक धोखे से जमीन खरीदी का आरोप लगाया जाना निंदनीय है। जब भी किसी भूमि की खरीदी होती है तो क्रेता और विक्रेता के द्वारा राशि तय करने के पश्चात ही आगे की करवाई होती है रजिस्ट्री ऑफिस में भी शासकीय नियमों के अनुसार ही लेनदेन उपरांत ही आगे का कार्यवाही सुनिश्चित किया जाता है।

किसी भी व्यक्ति से जबरन किसी भूमि का रजिस्ट्री नहीं कराया जा सकता है जबकि भारतीय जनता पार्टी इसे धोखे से खरीदी बता कर  व्यक्तिगत मामले को अनावश्यक  तूल दे रही है। 

अनिल किस्पोट्टा आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव ने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि ज्ञात हो कि किसी भी आदिवासी समाज का व्यक्ति अपने हक के खाते की भूमि दूसरे किसी भी आदिवासी समाज के व्यक्ति को अपनी आवश्यकता अनुसार बेचने के लिए स्वतंत्र है। छत्तीसगढ़ सरकार के खाद्य मंत्री के पुत्र द्वारा भूमि क्रय किया गया तब तक मंत्री अमजरीत भगत को स्वयं ज्ञात ही नहीं था कि उनके पुत्र आशीष भगत द्वारा भूमि क्रय किया गया है अनावश्यक इस मामले में विवाद होने के पश्चात जैसे ही मंत्री को ज्ञात हुआ और उनकी जानकारी में आई तो तत्काल उन्होंने उक्त भूमि का सौदा निरस्त करने को कह चुके हैं उसके बाद भी भारतीय जनता पार्टी द्वारा उक्त जमीन को वापिस करने कराने की बात कह रही है और अनावश्यक इस मामले को तूल दिया जा रहा है इससे ऐसा प्रतीत होता है कि भारतीय जनता पार्टी के लोग उस कोरवा परिवार के लोगों का हित न देख कर सिर्फ अपनी पार्टी का हित देख रही है और उसी दिशा में काम कर रही है।

आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश महासचिव अनिल किस्पोट्टा ने कहा कि पिछले 15 साल में जशपुर जिले में जमीन खरीदी की जाँच की जाए तो ज्ञात हो जाएगा कि भारतीय जनता पार्टी के किस किस पदाधिकारी नेता के द्वारा कहाँ कहाँ कितनी कितनी किस किस की जमीन खरीदी गई है, इसमें भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेताओं और उनके सहयोगियों ने बड़ी बड़ी जमीनें अपने नाम और अपने परिवार जनों के नाम से खरीदी है और इस खरीदी को जो छल बता रहे हैं उनको यह ज्ञात होना चाहिए कि कहां कहां उनके पास कितनी संपत्ति है। उन्होंने कहा कि 15 साल में किसके किसके द्वारा कहाँ कँहा कितनी भूमि खरीदी किया गया है वो जांच करने से दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।