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कोयला चोरों ने पथराव कर किया टीएसआर के जवानों को घायल

  कोयला चोरों ने पथराव कर किया टीएसआर के जवानों को घायल

कोरबा । कोयला चोरी की घटनाओं को रोकने साउथ इस्टर्न कोलफिल्घ्डस लिमिटेड  एसईसीएल प्रबंधन ने त्रिपुरा स्टेट राइफल्स टीएसआर के जवानों को तैनात किया है। इसके बावजूद चोरी की घटनाओ में अंकुश नहीं लग पा रहा।

एक बार फिर चोरी करने घुसे ग्रामीणों ने सुराकछार कोयला खदान में धावा बोल कर टीएसआर के दो जवान व एक सुरक्षा अधिकारी पर पथराव कर गंभीर रूप से घायल कर दिया है। सब एरिया मैनेजर व श्रमिक संगठन के कुछ नेताओं ने भी किसी तरह भाग कर अपनी जान बचाई।

एसईसीएल की भूमिगत कोयला खदान सुराकछार के रेलवे साइडिंग में यह घटना मंगलवार की रात करीब आठ बजे हुई। बताया जा रहा है कि आसपास में रहने वाले 60 से 70 ग्रामीण चोरी करने रेलवे साइडिंग के पास एकत्रित हुए।

इसकी जानकारी मिलने पर एसईसीएल के सुरक्षा उपनिरीक्षक विजय देवड़ा पहुंचे। उन्होंने देखा कि काफी संख्या में ग्रामीण कोयला चोरी करने साइडिंग में घुस गए हैं। टीएसआर के जवान मनुदास व अजय कुमार ने ग्रामीणों को खदेडऩे को कोशिश की, पर उल्टे ही ग्रामीण उन्हें धमकाने लगे और धमका कर मौके भाग जाने के लिए कहा।

इसकी जानकारी मिलने पर सबएरिया मैनेजर पी मावावाला अपने अधीनस्थ अधिकारी व श्रमिक संगठन प्रतिनिधि के साथ पहुंचे। ग्रामीण तो एक बार वहां से चले गए पर बाद में और अधिक संख्या में पहुंचे और विवाद करने लगे।

ग्रामीण करीब दो हजार बोरी में कोयला भर कररखे थे। जवान कोयला की बोरियों को वापस उठाकर ले जाने की कोशिश की तो एक साथ मिल कर पथराव करते हुए हमला कर दिया।

किसी तरह दौड़ कर सभी ने जान बचाई। इस दौरान गड्ढे में गिर जाने की वजह से सबएरिया मैनेजर का चश्मा टूट गया। सुरक्षा उपनिरीक्षक का पैर फैक्चर हो गया है। वही टीएसआर के जवान मनुदास व अजय कुमार को भी चोटें आई है। तीनों को उपचार के लिए मुड़ापार के अस्पताल में दाखिल किया गया है। 

इस घटना की सूचना सुरक्षा उपनिरीक्षक विजय ने लिखित तौर पर बांकीमोंगरा पुलिस को दी है। शिकायत में पूरे घटना की जानकारी देते हुए हमला करने वालों पर कार्रवाई करने कहा है। 24 घंटे गुजर जाने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई की और नहीं किसी आरोपित की गिरफ्तारी का प्रयास किया। उपनिरीक्षक विजय का कहना है कि चोरी की घटना को रोकने के लिए पुलिस को सूचना दी गई थी, पर पुलिस नहीं पहुंची। प्रशासन व पुलिस की मदद की बगैर चोरी की घटना नहीं रोकी जा सकती। वहीं बांकीमोंगरा पुलिस का कहना है कि उन्हें घटना की जानकारी नहीं दी गई है।