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प्रभारी मंत्री कवासी ने करपावंड क्षेत्र के ग्रामीणों को दी 20 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात

प्रभारी मंत्री  कवासी ने करपावंड क्षेत्र के ग्रामीणों को दी 20 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों की सौगात


71 कार्यों का किया लोकार्पण और भूमिपूजन

जगदलपुर। बस्तर जिले के प्रभारी मंत्री श्री कवासी लखमा ने आज करपावंड में आयोजित आमसभा में क्षेत्रवासियों को 20 करोड़ 30 लाख 66 हजार रुपए के 71  विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने यहां पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 44 कार्य, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 13 कार्य और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के 14 कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। इस अवसर पर स्थानीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल भी उपस्थित थे।

प्रभारी मंत्री ने क्षेत्रवासियों को हरेली तिहार की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल की सरकार ने राज्य के लोगों में इस पर्व के महत्व को देखते हुए अवकाश देने का कार्य किया गया। यह उनकी किसानों के प्रति संवेदनशीलता का उदाहरण है। उन्होंने किसानों की भलाई के लिए कर्जमाफी और किसान न्याय योजना जैसी योजनाओं पर अमल किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री बघेल के नेतृत्व में ग्रामीण क्षेत्रों में विकास के कार्यों को निरंतर गति दी जा रही है। इसी कड़ी में आज यहां 20 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्थानीय विधायक एवं बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री लखेश्वर बघेल द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है, जिसके परिणाम दिखाई दे रहे हैं। करपावंड में आज नवनिर्मित बाजार शेड का लोकार्पण भी किया गया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीणों को अच्छी सुविधा मिलेगी। 


बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष  लखेश्वर बघेल ने कहा कि आज अमूस तिहार के दिन मंत्री श्री लखमा के आगमन से क्षेत्रवासियों की खुशी दोगुनी हो गई है। उन्होंने कहा कि बाजार शेड के निर्माण में उद्योग मंत्री  लखमा का प्रयास महत्वपूर्ण है, जिसके लिए क्षेत्रवासी सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने इसे माॅडल बाजार शेड बनाने की बात भी कही।  बघेल ने मंत्री  लखमा के समक्ष ग्रामीण क्षेत्रों में जिला खनिज निधि न्यास के माध्यम से अधिक से अधिक विकास कार्य करने और करपावंड क्षेत्र की आवश्यकता को देखते हुए लघु उद्योग के स्थापना की जरुरत भी बताई।