कागजों में कराए जा रहे मनरेगा के कार्य मामला ग्राम पंचायत केतूलनार का

कागजों में कराए जा रहे मनरेगा के कार्य मामला ग्राम पंचायत केतूलनार का


 जनपद सीईओ ने कहा जांच समिति गठित कर की जाएगी कार्रवाई 

 

 बीजापुर, 08 अप्रैल | बीजापुर जिला के विकासखंड भैरमगढ़ के ग्राम पंचायत केतूलनार का जहां मनरेगा के कार्यों का संपादन कागजों में  हो रहा है हितग्राही पायको पोरियामी के नाम से डबरी निर्माण की स्वीकृति तथा निर्माण कार्य की राशि का आहरण मनरेगा के वेबसाइट ऑनलाइन देखा जा सकता है जमीनी हकीकत देखा जाए तो हितग्राही के  नाम पर डबरी निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई थी किंतु रोजगार सहायक के द्वारा हितग्राही के जमीन पर डबरी निर्माण नहीं कराया गया रोजगार सहायक द्वारा आनन-फानन में बजट सत्र खत्म होने एवं वित्तीय वर्ष खत्म होने वा  बजट समावेशी की हड़बड़ी  में फर्जी मास्टर रोल भरकर डबरी निर्माण पूर्ण कर पैसों का आहरण किया जा रहा है.

डबरी निर्माण के संबंध में इंजीनियर महेंद्र ठाकुर से पूछा गया उन्होंने  जवाब देने से इनकार कर दिया केतूलनार ग्राम पंचायत में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी के अंतर्गत जितने भी कार्य संपादित कराए गए हैं मनरेगा के तहत सभी निर्माण कार्य मजदूरों से ना कराकर  जेसीबी डोजर से कार्य संपादित कराए गए हैं डोजर वाहनों का डबरी निर्माण एवं तालाब निर्माण कार्य में धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है मनरेगा के नियमों का उल्लंघन करते स्पष्ट देखा जा रहा है मजदूरों को रोजगार ना देकर उनसे हक छीना जा रहा है रोजगार सहायक एवं इंजीनियर की मिलीभगत से फर्जी तरीके से कागजों में डबरी निर्माण करवाकर रुपये आहरण करने का मामला जो उजागर हुआ है इससे बड़ा भ्रष्टाचार होने का संदेह है.

हितग्राही पायको पोरियामी ने बताया कि डबरी निर्माण कार्य मशीनों से की जा रही है आधा डबरी का कार्य हो चुका है मजदूर काम नहीं कर रहे हैं इसलिए वाहनों से कार्य कराए जा रहे हैं ग्राम पंचायत केतुलनार के रोजगार सहायक जो भिलाई में पढ़ाई करता है उसके मोबाइल नंबर से संपर्क करने पर वह गोलमाल जवाब देता है इस संबंध में कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा भैरमगढ़ से मोबाइल से चर्चा कर पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि पहले मैं पता कर लूंगा सच्चाई क्या है.

फिर आपको बताऊंगा से इस संबंध में जनपद सीओ ने कहा कि जांच समिति गठित कर जांच कराई जाएगी रोजगार सहायक के कारनामे पिछले वित्त वर्षों में कई बार देखा गया मजदूरों कि मजदूरी भुगतान  ना कराकर अपने ही खाते में पैसे डाल लेना ऐसी कई शिकायतें उजागर हुई है किंतु प्रशासन ऐसे मनमानी करने वाले रोजगार सहायक के ऊपर कोई कार्यवाही ना कर शासकीय योजनाओं का लगातार क्रियान्वयन करवाना प्रशासनिक कार्यशैली पर प्रश्न चिन्ह अंकित करता है रोजगार सहायक अपनी छोटी बहन काजल पोडियामी जो की वह वयस्क भी नहीं है 12 से 14 वर्ष की आयु की है मास्टर रोल में तालाब निर्माण मै मजदूर बताकर एवं परिवार के अपने ही सदस्यों का नाम जोड़कर मजदूरी आहरण करने में महारत हासिल है|