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विकास की गाड़ी के ड्रॉइवर बनेंगे बस्तर के युवा

विकास की गाड़ी के ड्रॉइवर बनेंगे बस्तर के युवा

बस्तर के होनहारों को हुनरमंद बनाने में जुटी 195 वाहिनी

दंतेवाड़ा, 17 फरवरी। सीआरपीएफ सहित तमाम सुरक्षाबलों के अथक प्रयासों से बस्तर में लम्बे समय बाद अमन स्थापित होता प्रतीत हो रहा है। इस बदलते परिवेश में बस्तर के अंदुरूनी क्षेत्रों में भी विकास की गाड़ी ने तेज गति पकड़ी है। जो गांव वर्षों से उपेक्षा और बदहाली के शिकार था यहां सरकारी योजनाएं तेजी से लागू की जा रही है।

बस्तर के अबुझमाड़ में पंचायत भवन, स्कूल, अस्पताल, आंगनवाड़ी भवनों के निर्माण के साथ ही सुदूर इलाकों में सड़कों का तेजी से निर्माण कार्य हो रहा है। सीआरपीएफ की 195 वाहिनी ने विकास की इस लहर में स्थानीय युवाओं की भागेदारी बढ़ाने के लिए एक अनूठी पहल की शुरूआत की है। 

195 वाहिनी ने बारसूर स्थित अपने मुख्यालय में सुदूर गांवों के बेरोजगार युवाओं को भवन निर्माण के लिए मिस्त्री एवं मोटर ड्रॉइविंग का प्रशिक्षण देने का जिम्मा उठाया है। वाहिनी ने 10-10 ग्रामीणों के दो समूहों को भवन निर्माण कला एवं मोटर ड्रॉइविंग का प्रशिक्षण दिया है। 

मोटर ड्रॉइविंग के पहले बैच का समापन समारोह 16 फरवरी को आयोजित किया गया। आयोजन में दंतेवाड़ा रेंज के उप महानिरीक्षक विनय कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में 195 वाहिनी के कमाण्डेन्ट वी. प्रताप सिंह एवं 230 वाहिनी के कमाण्डेन्ट डब्लु. आर. जोसुवा भी उपस्थित रहे।

एक माह की इस मोटर ड्रॉइविंग ट्रेनिंग प्रोग्राम में 04 गांवों के कुल 10 बेरोजगार ग्रामीणों ने ड्रॉइविंग का हुनर सीखा। वाहिनी के इस मुहिम से स्थानीय ग्रामीणों में खुशी की लहर है। मंगनार गांव के निवासी धनेश्वर पडामी ने बताया कि वे सीआरपीएफ का जीवन भर शुक्रगुजार रहेंगे। ड्रॉइविंग सीखने के बाद अब मैं अपने परिवार का भरण-पोषण आसानी से कर पाउंगा। धनेश्वर ने बताया कि उसके गांव के कई अन्य युवा भी इस तरह के प्रशिक्षण में शामिल होना चाहते हैं। एरपुण्ड गांव के सुधराम कश्यप ने बताया कि हमारे क्षेत्र में बहुत से विकास कार्य चल रहे है लेकिन कोई बारीक काम न जानने के कारण हमें सामान्य लेबर की तरह मजदूरी करनी पड़ती है लेकिन 195 वाहिनी की इस पहल से हम लोगों को मिस्त्री और ड्रॉइवर की दिहाड़ी मिलेगी जिससे हमारी भाली हालत में सुधार होगा। 

एक माह की ट्रेनिंग के बाद सभी 10 ग्रामीणों की लिखित एवं ड्रॉइविंग स्किल का टेस्ट लिया गया, जिसमें सभी ने आसानी से उत्तीर्ण कर लिया। 195 वाहिनी के कमाण्डेन्ट वी. प्रताप सिंह ने बताया है सभी ग्रामीणों का शुरूआती लर्निंग लाइसेंस बनवा दिया गया है एवं अगले सप्ताह तक सभी का स्थाई लाइसेंस भी प्राप्त हो जाएगा। उसके उपरांत में सभी ग्रामीण किसी भी हल्के वाहन को चला कर अपनी आजीविका प्राप्त कर सकते हैं।

इस ट्रेनिंग के दौरान सभी प्रशिक्षुओं को पूरे दिन का भोजन, ट्रैक-सूट, जूते एवं राइटिंग मेटेरियल मुक्त में प्रदान किया गया। समापन समारोह में सभी ग्रामीणों को उप महानिरीक्षक महोदय द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।