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बड़ी कार्रवाई: 41 इंस्पेक्टर, 10 थानों के पुलिसकर्मी हटाए गए, गैंगस्टर अजीत सिंह हत्याकांड ले डूबा कईयों को, आइपीएस बचे

बड़ी कार्रवाई: 41 इंस्पेक्टर, 10 थानों के पुलिसकर्मी हटाए गए, गैंगस्टर अजीत सिंह हत्याकांड ले डूबा कईयों को, आइपीएस बचे

लखनउ. उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में कल विभूतिखंड स्थित कठौता पुलिस चैकी के सामने हुई माफिया डॉन अजीत सिंह की हत्या के साइड इफेक्ट शनिवार से सामने आने लगे. सनसनीखेज हत्याकांड से हलकान पुलिसिया साहिबों ने, खुद की खाल बचाने के लिए एक संग 10 थानों एसएचओ सहित 40 से ज्यादा इंस्पेक्टरों के नीचे से उनकी मौजूदा कुर्सियाँ खींच लीं.

सूबे की राजधानी पुलिस में लंबे अरसे बाद खाकी में रात-ओ-रात हुए इस हैरतंगेज बदलाव को, माफिया डॉन अजीत सिंह के कत्ल से जोड़कर देखा जा रहा है. हांलांकि, इस सनसनीखेज हत्याकांड से खुद के गले में फंदा फंसाये बैठे, आला-अफसरान अभी तक महकमे में मची इस उठा पटक को “रुटीन” प्रक्रिया का हिस्सा ही बता रहे हैं. शनिवार को पूरे दिन राज्य और लखनऊ पुलिस में इतने बड़े पैमाने पर यानि थोक के भाव में एक साथ तितर-बितर किये गये 41 इंस्पेक्टरों के “ट्रांसफर” ही चर्चा का मुख्य बिंदु रहे.

लखनऊ पुलिस सूत्रों के मुताबिक जिन 41 इंस्पेक्टरों से कुर्सियाँ छीनी गयी हैं, उनमें 10 थानों के एसएचओ यानि स्टेशन हाउस ऑफिसर भी शामिल हैं. निपटाये गये इंस्पेक्टरों में से कई वे एसएचओ भी हैं जो, लंबे समय से थानाध्यक्षों की कुर्सी पर “कुंडली” मारकर जमे हुए थे. इनमें से इतिहास खंगालने पर कुछ ऐसे कथित महान इंस्पेक्टर भी हैं जो, अब से पहले एक थाने के एसएचओ की कुर्सी से उठाकर दूसरे थाने के एसएचओ की कुर्सी पर ले जाकर सजा दिये गये थे. मामले में तीन आइपीएस भी संदिग्ध थे लेकिन उन्हें बचा लिया गया है.