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राज्य में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 किया गया लागू

राज्य में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 किया गया लागू

राह हुई आसान, लोक सेवा गारंटी से लाभान्वित हो रहे ग्रामीण एवं किसान

पिछले ढाई वर्षों में दो लाख 24 हजार से ज्यादा प्रकरण हुए निराकृत

कोरबा । आमजन, ग्रामीण एवं किसानों को सरकारी सेवाओं का लाभ तय समय सीमा में प्रभावी ढंग से मिल सके इसके लिए राज्य में छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 लागू किया गया है। शासन-प्रशासन की संवदेनशीलता के कारण आम जनता को सहज रूप से इसका लाभ मिल रहा है। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सुश्री शिखा राजपूत ने बताया कि कोरबा जिले के लोक सेवा केन्द्रों में पिछले ढाई वर्षों में दो लाख 38 हजार 134 आवेदन प्राप्त किए जा चुके हैं, जिसमें दो लाख 24 हजार 401 आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है। इस दौरान पाली विकासखण्ड से सर्वाधिक 41 हजार 482 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार कटघोरा विकासखण्ड से 34 हजार 027, कोरबा से 30 हजार 499, पोड़ी-उपरोड़ा ब्लॉक से 27 हजार 689 तथा विकासखण्ड करतला से 18 हजार 945 आवेदन लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त किए जा चुके हैं। जिले के लोक सेवा केन्द्रों में पिछले ढाई वर्षों में सर्वाधिक 81 हजार 040 आवेदन आय प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए आए हैं। इसी प्रकार निवास प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए 44 हजार 982, नकल के लिए 40 हजार 441, जाति प्रमाण पत्र के लिए 36 हजार 899, जन्म प्रमाण पत्र के लिए आठ हजार 380 तथा मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए दो हजार 504 आवेदन प्राप्त किए गए। प्राप्त आवेदनों में से लगभग 94 प्रतिशत आवेदनों का निराकरण किया जा चुका है।

गौरतलब है कि राज्य में सुशासन की धारणा को स्वीकार कर आम जनता को बेहतर एवं प्रभावी सेवाएं प्रदान करने के लिए ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना राज्य के सभी जिलों में लागू की गई है। यह परियोजना इलेक्ट्रॉनिक वर्क फ्लो प्रणाली के माध्यम से जिले के लोगों को कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केन्द्र, ऑनलाइन और इंटरनेट के माध्यम से कुशलता पूर्वक विभिन्न विभागों की सेवाएं प्रदान करने में मदद करती है। ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना को राज्य में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत क्रियान्वित किया जा रहा है। लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से जिले में कुल 40 प्रकार की सेवाएं प्रदान की जा रही है। जिला कार्यालय, नगर निगम तथा सभी तहसीलों एवं उपतहसीलों को मिलाकर जिले में कुल 26 लोक सेवा केन्द्र तथा 412 कॉमन सर्विस सेंटर कार्य कर रहे हैं। इन लोक सेवा केन्द्रों एवं कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से दूरस्थ अंचलो में निवासरत् ग्रामीणों को बुनियादी सेवाएं एवं सुविधाएं तय समय सीमा में प्रभावी ढंग से प्राप्त हो रही है। ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सुश्री शिखा राजपूत ने बताया कि दूरस्थ ग्रामीण अंचलों से लोग निवास, जाति, आय प्रमाण पत्र, गुमाश्ता, लाइसेंस आदि बनवाने के लिए आते हैं। लोक सेवा केन्द्रों के माध्यम से इन्हें सभी जरूरी सेवाएं समय पर मिल जाती हैं। पहले जिले के किसानों को खसरा, नक्शा, बी-1, बी-2 जैसे दस्तावेजों के लिए पटवारी कार्यालय एवं तहसीलों के चक्कर लगाने पड़ते थे, परंतु अब लोक सेवा गारंटी के माध्यम से ये सेवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं जिससे ग्रामीण जनता में उत्साह एवं खुशी का माहौल है।