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छत्तीसगढ़ में ठंड से एक और मौत

छत्तीसगढ़ में ठंड से एक और मौत


बिलासपुर। बिलासपुर में ठंड से एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई है। पुराना बस स्टैंड के पास भीख मांगकर गुजारा करने वाली महिला खुले आसमान के नीचे रातभर सोती रही। दोपहर तक किसी को उसकी मौत की भनक तक नहीं लगी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई है। महिला की अब तक पहचान नहीं हो पाई है। इस प्रकार एक हफ्ते के अंदर बिलासपुर में ठंड के चलते 2 लोगों की जान जा चुकी है। मामला तारबाहर थाना क्षेत्र का है।
एक सप्ताह से शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों में ठंडी हवाओं के कारण शीतलहर चल रही थी। इसके चलते पारा सामान्य से नीचे गिर गया है। मौसम विभाग ने भी तापमान में गिरावट के साथ शीतलहर की संभावना जताई थी। हालांकि, पिछले दो दिन से तापमान बढ़ा है। लेकिन, ठंड कम नहीं हुई है।
सोमवार दोपहर को तारबाहर टीआई जेपी गुप्ता को सूचना मिली कि पुराना बस स्टैंड के पास एक अज्ञात महिला की मौत हो गई है। खबर मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि महिला की ठंड से मौत हुई होगी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद भी महिला की मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
पुलिस मौके पर पहुंची, इससे पहले ही आसपास के लोगों ने पुलिस के डॉयल 112 को सूचना दे दी थी। 112 की टीम वहां पहुंची, तब महिला की लाश कपड़ों में लिपटी थी। उसे खोलने पर पता चला की वह खुला बदन सोई हुई थी। महिला की उम्र करीब 65 साल होगी। ठंड लगने से उसकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है। थाना प्रभारी जेपी गुप्ता ने बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ कर महिला की जानकारी जुटाई गई। आसपास भीख मांगने वाली महिला व अन्य लोगों ने बताया कि उसका नाम पता नहीं मालूम है। दरअसल, वहां अलग-अलग जगह के लोग भीख मांगकर सड़क किनारे खुले आसमान के नीचे जीवन गुजारा करते हैं।
एक सप्ताह पहले भी रतनपुर रोड में शीतलहर की चपेट में आकर एक 70 वृद्ध की मौत हो गई थी। वृद्ध बाइपास रोड में फुटपाथ के नीचे पड़ा था। उसे देखकर आसपास के लोगों ने रतनपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।  
शहर में ठंड बढऩे के साथ ही जिला प्रशासन व नगर निगम ने शहर के चौक-चौराहों पर अलाव जलाने का दावा किया था। इसके साथ ही फुटपाथ व चौक चौराहों में खुले आसमान के नीचे रहने वालों के लिए विशेष व्यवस्था करने का भी दावा किया था लेकिन, इस कड़ाके की ठंड में भी चौक-चौराहों पर भीख मांगने वाले लोग खुले आसमान के नीचे जीवन गुजार रहे हैं। जिनके लिए जिला प्रशासन ने कोई इंतजाम नहीं किया है।