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कवर्धा घटना की न्यायिक जांच की मांग, राज्यपाल को सौपेंगे ज्ञापन

 कवर्धा घटना की न्यायिक जांच की मांग, राज्यपाल को सौपेंगे ज्ञापन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कवर्धा में हुई घटना को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने न्यायिक जांच की मांग की है। भाजपा कार्यालय में आज नेताप्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक व पूर्व मंत्री व विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने आज संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता लेते हुए इस मामले में कहा कि उनके नेतृत्व में भाजपा प्रतिनिधिमंडल कवर्धा घटना की जानकारी लेने गए थे। उन्होंने कहा कि वहां ध्वज लगाने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के पहले पुराना ध्वज हटाकर नया ध्वज लगाने की परंपरा यहां रही है। ध्वज लगाने के बाद अधिकारियों को बुलाया गया था, लेकिन  अधिकारियों ने दुर्गेश देवांगन को बुलाकर ध्वज निकलवाया। इसके ठीक बाद एक भीड़ आई और दुर्गेश को अधिकारियों की मौजूदगी में मारपीट की। इसके बाद वहां दोनों समुदायों के बीच झड़प के हालात बने। एक समुदाय से जुड़े लोगों के खिलाफ ज्यादा एफआईआर दर्ज की गई, वहीं दूसरे समुदाय के कम लोगों के खिलाफ प्रकरण बनाया गया है। कई ऐसे लोगों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की गई जो वहां नहीं थे। 

भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार के संरक्षण में काम चल रहा है। घटना को लेकर कलेक्टर-एसपी जिम्मेदार है, लेकिन अब तक किसी पर कार्रवाई नहीं हुई। धरमलाल कौशिक ने कहा कि बीजेपी इस मामले में कल राज्यपाल को ज्ञापन सौंपेगी। हम इस पूरे मामले में न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। दूसरे समुदाय के ऐसे लोग जिनके खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, लेकिन गिरफ्तारी नहीं हुई ऐसे लोगों की गिरफ्तारी की जाए। साथ ही बेवजह गिरफ्तार किए गए लोगों की निशर्त रिहा किया जाए। 

पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि इस घटना की तैयारी लंबे समय से की जा रही थी। 3 तारीख को घटना को रोका जा सकता था भगवा ध्वज शौर्य का प्रतीक है सनातन परम्परा का प्रतीक है। ये बीजेपी या कांग्रेस का झंडा नहीं था। धर्मातरंण के मामले को हम लगातार उठा रहे हैं। प्रशासन ऐसे मामलों को संरक्षण दे रहा है। कवर्धा में पथराव शुरू करने वालों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हुई. इस घटना का ही विरोध था कि गाँव-गाँव से लोग 5 तारीख को वहां पहुंचे शहर के बाहर 20 हजार से ज्यादा लोगों ने चक्काजाम किया। प्रशासन की नादानी की वजह से घटना घटित हुई। मुख्यमंत्री हाईकमान को खुश करने उत्तर प्रदेश की सैर कर रहे हैं। गृहमंत्री लापता है प्रभारी मंत्री अज्ञातवास पर हैं पीडि़त परिवारों से मिलने की मांग हमने की थी, लेकिन हमें सर्किट हाउस में रोक दिया गया. हमने लोगों से अपील की है कि शांति व्यवस्था बनी रहे।