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शराब और सिगरेट पीने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है : डब्‍ल्‍यूएचओ

शराब और सिगरेट पीने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है : डब्‍ल्‍यूएचओ


नईदिल्ली।  कोरोना वायरस के पूरी  दुनिया में फैलने के कारणों का  स्‍वास्‍थ्‍य विशेषज्ञ द्वारा  हर दिन पडताल किया जा रहा है । और यह भी पता किया जा रहा है कि किन लोगों में इसके फैलने का खतरा सबसे ज्‍यादा है।  विशेषज्ञों की पड़ताल से एक बात सामने उभर कर आई है कि  बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा सबसे ज्‍यादा है क्‍योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कमजोर हो चुकी होती है।  अब विशेषज्ञों का ये भी कहना है कि सिगरेट पीने वालों  के संक्रमण की गिरफ्त में आने की आशंका भी काफी ज्‍यादा है।  

हुक्के या चिलम के मामले में संक्रमित होने का डर और भी ज्यादा हो जाता है क्योंकि एक ही हुक्के या चिलम से कई लोग धूम्रपान करते हैं।  दुनिया भर में अब तक 9,38,452 लोग संक्रमित हो चुके हैं।  इनमें 47,290 की मौत हो चुकी है, जबकि 1,95,388 लोग स्‍वस्‍थ होकर घर लौट चुके हैं। 


डब्‍ल्‍यूएचओ का कहना है कि शराब और सिगरेट पीने से संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।  ये स्‍मोकिंग छोड़ने का सबसे सही समय है।  संगठन ने सिगरेट पीने वालों के लिए चेतावनी जारी की है कि  स्मोकिंग करने वालों को संक्रमण जल्दी होता है और रिकवरी की उम्‍मीद स्वस्थ लोगों के मुकाबले कम रहती है।  स्मोकिंग फेफड़ों पर बुरा असर डालती है।  


यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ कैरालीना के शोध में बताया गया कि धूम्रपान करने से फेफड़ों में एंजाइम की क्रियाशीलता बढ़ जाती है।  ऐसा होने से कोविड-19 के मरीजों की संख्या बढ़ती है।  विशेषज्ञ बताते हैं कि धूम्रपान करने वाले अधिकतर लोगों में इस महामारी के लक्षण के तौर पर सांस लेने में तकलीफ की शिकायत सबसे ज्‍यादा देखी गई। 


धूम्रपान करने वालों को स्वस्थ लोगों के मुकाबले  निमोनिया का खतरा दोगुना होता है।  कोरोना वायरस पीड़ित का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि मरीज के शरीर को सांस लेने में मदद की जाए और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जाए ताकि शरीर खुद वायरस से लड़ने में सक्षम हो। 

chandra shekhar