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पंडित जी खुश हैं...!, शादी समारोह पर बंदिश , सवा साल से बंद 8 कारोबार

पंडित जी खुश हैं...!, शादी समारोह पर बंदिश , सवा साल से बंद 8 कारोबार

राजकुमार मल

भाटापारा, 28 जून। अनलॉक होते बाजार में आठ ऐसी दुकानें हैं, जिनके शटर बीते सवा साल से बंद हैं। कब खुलेंगे? जैसे सवाल  पूछे नहीं जाते क्योंकि संभावना के सारे रास्ते अब तक बंद हैं। नौवीं दुकान, खुल तो रही है लेकिन रौनक गायब है।

शादी-ब्याह की तारीखें निकाली जाने लगी हैं लेकिन तैयारियों की सूची में कोरोना गाईड लाईन का ब्रेक लगा हुआ है। सामान्य होती दिनचर्या, बंदिशों में राहत का सिलसिला चालू होता देख, आठ कारोबार को उम्मीद थी कि उन पर लगा सवा साल पुराना प्रतिबंध हटा लिया जाएगा लेकिन अनलॉक की सूची में  उनके नाम अब भी नहीं है। फलतः ये कारोबार दूसरे क्षेत्र में जाने के प्रयास में है ताकि बेपटरी हो चुका जीवन पटरी पर लाया जा सके।


गले तक कर्ज में

मंगल भवन। टैंट- कनात। यह ऐसे कारोबार हैं, जिनके लिए बड़े पैमाने पर पूंजी की जरूरत होती है। जिसके लिए वित्तीय संस्थानों से मदद मिलती है। मार्च 2020 से चालू हुआ, विपरीत समय अब तक सामान्य नहीं हो पाया है, लिहाजा यह क्षेत्र भारी संकट में आ चुका है। अनलॉक होते कारोबार में अनुमति का नहीं मिलना, इस कर्ज को और भी बढ़ा रहा है।


नहीं लेते आर्डर

शादी-कार्ड की छपाई करने वाली यूनिटों ने इस काम को पूरी तरह बंद कर दिया है क्योंकि आर्डर 25 या 50 कार्ड के ही आते हैं। जिनसे खर्च नहीं निकल रहा है। ऐसा ही हाल, फूल बाजार का भी है ,जहां दुकानें खुल तो रहीं हैं पर वर-वधु के अलावा दूसरे और  ऑर्डर ना दिए जा रहे हैं, ना लिए जा रहे हैं। इस तरह यह दोनों क्षेत्र भी संकट में हैं। जिनके बहाल होने की संभावना फिलहाल तो नहीं है।

यहां घना अंधेरा

लाइट-डेकोरेशन। जिनसे शादी घर रोशन होते थे, आज घने अंधेरे में है। स्वादिष्ट व्यंजन के काउंटर को आकार देने वाले कैटरर्स भी परिदृश्य से गायब हो चले हैं। यह कब आएंगे? जैसे प्रश्न के उत्तर देने वालों ने मौन साध लिया है। फलतः हजारों की रोटी का पक्का इंतजाम करने वाला यह क्षेत्र अपनी रोटी के लिए तरस रहा है।