breaking news New

भाजपा ने ईसाई समुदाय को पार्टी से जोड़ने की बनायी रणनीति

भाजपा ने ईसाई समुदाय को पार्टी से जोड़ने की बनायी रणनीति

रांची।  देश में ईसाई मिशनरियां भारतीय जनता पार्टी से दूरी बनाकर रखती हैं लेकिन सबका साथ सबका विकास के नारे के मुताबिक ईसाई समुदाय को भी बड़े पैमाने पर पार्टी से जोड़ने की रणनीति बनाई गई है। भाजपा नेतृत्व की ओर से इस अहम काम की जिम्मेदारी अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री जॉन बारला को सौंपी गई है।

झारखंड में भी बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं। इन्हें बीजेपी से जोड़ने के उद्देश्य से अब एक नई नीति के तहत पार्टी ने काम करने का निर्णय लिया है। इस रणनीति को अमलीजामा पहनाने के लिए बीजेपी अनुसूचित जनजाति मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेने जॉन बारला भी रांची पहुंचे। यहां उन्होंने ईसाई धर्मगुरुओं, बिशप और डायलिसिस के प्रमुख नेताओं से मुलाकात की।

रांची में इस संवाददाता से बातचीत में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉन बारला ने कहा कि सरकारी पॉलिसी का लाभ लेने के लिए पहले उसे समझना पड़ेगा न कि दूरी बनाने से काम चलेगा। केंद्रीय राज्य मंत्री जॉन बारला ने कहा किप्रधान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी वर्गों के विकास के लिए विशेष कर अल्पसंख्यक और पिछड़े वर्गों के विकास के लिए उन्हें एक महत्वपूर्ण जिम्मेवारी सौंपी है।

विदेश भर के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर लोगों को केंद्र सरकार की योजनाओं से अवगत कराने तथा उन्हें जागृत करने के प्रयास में झूठे हैं। उन्होंने कहा कि आज संख्यक समुदाय और ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान उन्हें यह सुझाव दिया कि वे अपनी बातों को रखने के लिए एकजुट हो और वे खुद एक शिष्टमंडल को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के लिए जाएंगे।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन द्वारा आदिवासी क्यों को हिंदू से अलग बताए जाने के संबंध में पूछें गए एक प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि वह लोगों का ध्यान मूल मुद्दे से हटाना चाहते हैं। असम में चाय बागान के मजदूरों को आरक्षण का जल्द लाभ मिलेगा

झारखंड के लाखों मजदूर असम के चाय बागान में काम करते हैं लेकिन वहां उन्हें अनुसूचित जनजाति का दर्जा नहीं मिल पाता है। इस संबंध में केंद्रीय राज्य मंत्री जॉन बारला ने बताया कि वह खुद इस मुद्दे को लेकर चिंतित है और इस संबंध में उनकी केंद्रीय आदिवासी मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा से भी बातचीत हुई है जल्द ही इस मुद्दे को पद समाधान निकालने के दिशा में प्रयास किया जाएगा।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने कहा कि झारखंड समेत देश के कई राज्यों में अल्पसंख्यकों को केंद्र प्रायोजित विभिन्न योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है सिर्फ कुछ योजनाओं का ही लाभ मिल पाता है लेकिन उनकी यह कोशिश है कि केंद्र सरकार अशोक ओके शैक्षिक स्वास्थ्य और प्रशिक्षण को लेकर जो अनेकों योजनाएं चला रही है उसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को मिल सके।