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2008 में सिंगाराम मुठभेड़ में 18 ग्रामीणों के मारे जाने का है आरोप

2008 में सिंगाराम मुठभेड़ में 18 ग्रामीणों के मारे जाने का है आरोप

सुकमा । जिले के सिंगाराम में वर्ष 2008 में मारे गये 18 ग्रामीणों के लिए 07 पंचायत के करीब 20 से ज्यादा गांव के सैकड़ों ग्रामीणों ने नरसंहार विरोध कमेटी के बैनर तले उक्त घटना में मारे गये परिजनों को एक-एक करोड़ रूपये का मुआवजा और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सिंगारम नरसंहार मेंं मारे गये ग्रामीणों में दंतेश्पुरम के वेको बण्डी, मुचाकी देवा, वेको पोज्जे, एमला सुकड़ा, मड़कम हिड़मा, माड़वी देवा, वेको जोगा, मुचाकी गंगा, मैलासुर के वेट्टी हड़मा, कोराजगुड़ा के माड़वी कोना, माड़वी भीमा, एमला हड़मा, सिंगारम का मलम सीती, कारम लच्छा और कारम मुत्ता शामिल थे।

सिंगाराम में कोंटा विकासखण्ड के पालाचलमा, बुर्कलंका, सिंगाराम, गंगलेर, कोरसगुड़ा और बट्टेगुड़ा के सैकड़ों ग्रामीण राशन-पानी लेकर पिछले 15 दिनों से धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि 2008 में सुरक्षाबलों ने गांव के 18 ग्रामीणों को नक्सली बताकर गोली मार दी थी, मामले की जांच भी हुई लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला। हमारी मांग है कि मारे गये सभी ग्रामीणोंं को सरकार एक-एक करोड़ रूपये प्रति परिवार के हिसाब से मुआवजा दिया जावे, साथ ही इस घटना में शामिल पुलिस कर्मियों पर अपराधिक मामला दर्ज किया जाये।