दो माह के वेतन से वंचित,15 वर्षो की सेवा समाप्ति का खतरा

दो माह के  वेतन से वंचित,15 वर्षो की सेवा समाप्ति का खतरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन विधि और विधायी विभाग (निर्वाचन) कार्य विभाग मंत्रालय द्वारा जारी परिपत्र दिनांक 28 फरवरी 19 के परिप्रेक्ष्य में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, छत्तीसगढ़ ने मतदाता फोटो परिचय पत्रों की तैयारी एवं कार्य हेतु प्रदेश के 28 जिला निर्वाचन कार्यालय तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में कार्यरत् तृतीय व चतुर्थ वर्ग कर्मचारी वित्त विभाग की अनुमति न होने से 15 वर्षो की निरंतर सेवा समाप्ति का खतरा तथा मार्च-अप्रैल माह का वेतन से वंचित है। छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग कर्मचारी संध ने मुख्यमंत्री व प्रदेश के वित्त मंत्री  भूपेश बधेल से अपने ही आदेश निर्देश का पालन अधिनस्थाों से कराए जाने की मांग की है। 

       संध के प्रवक्ता विजय कुमार झा, प्रांतीय उपाध्यक्ष अजय तिवारी ने बताया है कि प्रदेश के जिला निर्वाचन कार्यालयों में वर्षो से कार्यरत् कर्मचारियों को मतदाता फोटो परिचय का कार्य की तैयारी व कार्य हेतु अस्थाई व संविदा के रूप में विगत् 2004 के निर्वाचन से लेकर वर्ष 2019 के निर्वाचन कार्यो में प्रति वर्ष सेवा वृद्वि करते हुए काम लिया जाता रहा है। जिसके अंतर्गत् कार्यरत् सहायक वर्ग-3 तथा भृत्य के 37 अस्थाई पदों तथा 60 संविदा पदों कुल 97 कर्मचारियों की सेवाएं 28 फरवरी 2019 से एक वर्ष के लिए अर्थात 29 फरवरी 2020 तक वृद्वि कर निरंतरता प्रदान करने विषयक आदेश प्रसारित किए गए थे। जिसके अंतर्गत् प्रदेश में पुनः निरंतर 4 निर्वाचन लोकसभा, विधानसभा, नगरीय निकाय तथा पंचायत चुनाव में दिन-रात कार्य करने वाले कर्मचारी विगत् 2 माह से निरंतरता के अभाव में  सेवा सुरक्षा तथा वेतन से वंचित है। जबकि मुख्यमंत्री  भूपेश बधेल का निर्देश है कि किसी भी कर्मचारी श्रमिक की सेवाएं लाॅकडाउन में समाप्त नहीं होगी, वेतन आदि सुविधाएं निरंतर जारी रहेगी। किंतु वित्त विभाग के अनुमति के अभाव में प्रदेश के उक्त कर्मचारी अत्यंत परेशान है। इससे वर्ष 2004 के बाद समय-समय पर आम निर्वाचनों में नियुक्त किए गए व कार्यरत् इन कर्मचारियों को रोजी-रोटी की चिंता सता रही थीं। कारोना वायरस की महामारी से लाॅक डाउन होने के कारण फरवरी माह से वित्त विभाग मंत्रालय से सेवा वृद्वि का आदेश जारी नहीं हो पाया है। तत्कालिन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी  सुब्रत साहू जो वर्तमान् में मुख्य मंत्री सचिवालय में पदस्थ है, उक्त कर्मचारियों की नियुक्ति, कार्य लेने व निरंतरता आदेश की अनुशंसा आदि की संपूर्ण धटनाक्रम से स्वयं भिज्ञ है। चूंकि उक्त निरंतरता अनुमति स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बधेल द्वारा वित्त मंत्री के रूप में प्रदान की जाती है, इसलिए पिछले विधानसभा-लोकसभा निर्वाचन तथा दोनों स्थानीय निर्वाचन कार्यो में कार्य कर चुके सैकड़ों अल्प वेतन भोगी कर्मियों के भूखे मरने व बेरोजगारी झेलने की स्थिति से मुख्यमंत्री स्वयं निजात दिलाते हुए उन्हें निरंतरा प्रदान करने का निर्णय शीध्र लेने की मांग संध के प्रांतीय उपाध्यक्ष अजय तिवारी, संभागीय अध्यक्ष उमेश मुदलियार, प्रांतीय सचिव विश्वनाथ ध्रुव, सी.एल.दुबे, सुरेन्द्र त्रिपाठी, विमलचंद्र कुण्डू, आनंद जाधव, सतीश शर्मा, प्रदीप उपाध्याय, लधु वेतन प्रांतीय सचिव होरी लाल छेद्इया, ए.जे.नायक, आदि ने की है।

chandra shekhar