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'महाराज' उनका अतीत था और ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्तमान है

 'महाराज' उनका अतीत था और ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्तमान है

मुख्यमंत्री बनना मेरी अभिलाषा नहीं, लेकिन जनता के दिल में जगह बनाना चाहता हूं - सिंधिया

इंदौर।  केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज कहा कि मुख्यमंत्री बनना उनकी राजनैतिक अभिलाषा नहीं हैं, लेकिन एक जननेता के नाते वे अपनी काबिलियत की बदौलत जनता के दिल में जगह जरूर बनाना चाहते हैं।

निमाड़ मालवांचल में जन आशीर्वाद यात्रा के सिलसिले में यहां आए सिंधिया ने पत्रकारों से चर्चा के दौरान एक सवाल के जवाब में यह बात कही। उनसे सवाल किया गया था कि क्या वे मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं। श्री सिंधिया ने कहा कि उनकी इस तरह की राजनैतिक अभिलाषा नहीं है। लेकिन जनसेवा के क्षेत्र में जनसेवक के नाते उनकी ये कोशिश हमेशा रहती है कि वे अपने कार्यों और काबिलियत की बदौलत जनता के दिल में जगह बना सकें।

लगभग डेढ़ वर्ष पहले अपने लगभग 22 वफादार विधायकों के साथ कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने वाले श्री सिंधिया ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं द्वारा उन पर किए जा रहे हमलों के बारे में कहा कि वे किसी की बात पर प्रतिक्रिया व्यक्त करना नहीं चाहते हैं। वे नकारात्मक सोच भी नहीं रखते हैं और बेहतर कार्य करके अपनी रेखा बड़ी करने में विश्वास करते हैं।

मध्यप्रदेश से राज्यसभा सांसद श्री सिंधिया ने एक सवाल के जवाब में कहा कि 'वसूली' तो कांग्रेस नेता ही बेहतर तरीके से समझते हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय उनसे (श्री सिंधिया) कहा गया था कि आ जाएं, सड़क पर, तो वे सड़क पर आ गए। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने घोषणापत्र में जो भी वादे किए, उन्हें पूरा नहीं किया गया। वहीं भाजपा ने वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में जो भी वादे किए हैं, उन्हें सरकार पूरा करेगी।

श्री सिंधिया ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के बयानों के संदर्भ में पूछे गए सवालों के जवाब में कहा कि 'महाराज' उनका अतीत था और ज्योतिरादित्य सिंधिया वर्तमान है। वे किसी का बेटा या भाई कहलाने में ही गर्व महसूस करते हैं।

ग्वालियर की तत्कालीन सिंधिया रियासत से आने वाले श्री सिंधिया ने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि उनके पूर्वजों ने अपनी कीर्ति के अनुरूप युद्ध कौशल दिखाया। उन्होंने बताया कि बाजीराव पेशवा (प्रथम) और मल्हार राव होल्कर जैसे महान योद्धा उनके पूर्वजों के नजदीकी सहयोगी रहे हैं। श्री सिंधिया ने कहा कि पानीपत के युद्ध में भी उनके पूर्वजों ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था।

श्री सिंधिया ने इस मौके पर राज्य में हवाईअड्डों के विस्तार, प्रमुख शहरों में हवाई सेवाओं के विस्तार और इससे जुड़े मुद्दों पर विस्तार से जानकारी दी और कहा कि वे प्रदेश के विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की कार्यप्रणाली की सराहना की। इंदौर निवासी भाजपा के दिग्गज नेता कैलाश विजयवर्गीय के कथित तौर पर इस यात्रा से दूर रहने संबंधी सवालों के जवाब में उन्होंने कहा कि श्री विजयवर्गीय उनके वर्षों पुराने मित्र हैं और उनके साथ मधुर संबंध हैं। उन्हाेंने कहा कि मीडिया इसमें मसाला ढूंढने का प्रयास कर रहा है।

श्री सिंधिया जन आशीर्वादा यात्रा के लिए मंगलवार को यहां पहुंचे थे। इसके बाद वे उसी दिन देवास, शाजापुर जिले के क्षेत्रों में यात्रा पर गए थे। रात्रि विश्राम के बाद वे बुधवार को यहां से खरगोन जिले की यात्रा पर रवाना हुए थे। श्री सिंधिया आज इंदौर में ही जन आशीर्वाद पर रहे। इस यात्रा का आज अंतिम दिन था।