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एसबीआई लोन के बहाने बेवजह लोगो को थमाए जा रहे पॉलिसी

एसबीआई लोन के बहाने बेवजह लोगो को थमाए जा रहे पॉलिसी


सैकड़ो लोग इसके शिकार, पीड़ित लोनो ने की शिकायत

भानुप्रतापपुर। भारतीय स्टेट बैंक शाखा भानुप्रतापपुर में ग्राहकों को लोन के बहाने बे वजह पालिसी कर लुटे जा रहे है। अब तक सैकड़ो लोग इसके शिकार हो चुके है। इस कार्य मे पॉलिसी एजेंट के साथ बैंक के कर्मचारी भी संलिप्त है। पीड़ित शिक्षको ने इसकी शिकायत बैंक प्रबंधक से की है।

कहते है मजबूरी का  फायदा सभी उठाते है, इसका उदाहरण भी एसबीआई शाखा भानुप्रतापपुर में भी देखा जा सकता है। कल शनिवार को कुछ शिक्षक शिकायत लेकर एसबीआई मैनेजर से मिले व लिखित में पॉलिसी एजेंट दीपक शर्मा के खिलाफ शिकायत दर्ज किया। पीड़ित उपभोक्ताओं ने कहा कि लोन लेने के दौरान बेवजह परेशान किया जा रहा है। जब उपभोक्ता लोन लेने के लिए एसबीआई बैंक जाता हैं, और सम्पूर्ण दस्तावेज पूर्ण कर ऋण खाते में हस्तांतरण की बारी आती है हस्तांतरण पूर्व ही ऋण सुरक्षा के नाम पर एसबीआई लाईफ इन्षुरेन्स के एजेंट द्वारा बीमा कराए जाने का दबाव डाला जाता है  इस प्रक्रिया में बैंक में लोन विभाग में कार्यरत कर्मचारी भी उनका समर्थन करते है। वह ऋण सुरक्षा के नाम पर भारी भरकम प्रीमियम वाला बीमा डराकर जबरदस्ती थोप देता है  बीमा के नियम व शर्तों की भी जानकारी देना उचित नही समझता अगर देता भी है तो अपूर्ण व गलत जानकारी दिया जाता है। जिसके कारण हमें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। 

 ऋण सुरक्षा के नियम 

लोग मजबूरी में लोन लेने बैंक जाते है, लोगो की मजबूरी को देखते हुए बैंक कर्मचारी व एजेंट के द्वारा मौका देख चौका लगा दिया जाता है। जबकि बैंक प्रबंधन द्वारा ऋण सुरक्षा के लिए न्यूनतम राशि वन टाइम राशि जमा करने का भी प्रावधान है, लेकिन ऐसा न करते हुए हजारों रुपए का पॉलिसी उपभोक्ता को

पकड़ा दिया जाता है। जिसकी जानकारी उपभोक्ताओं को पॉलिसी बॉन्ड मिलने के बाद होती है।अब तक कई लोग इसकी शिकायत कर चुके है, लेकिन बैंक प्रबंधन के द्वारा आज पर्यन्त तक कोई भी कार्यवाही नही हुई है।

 शिकार हुये उपभोक्ता

विनोद कुलदीप ने बताया कि मैन ढेड़ लाख का लोन निकाला है जिसमे 50 हजार का पांच वर्ष के लिए बीमा कर दिया गया। ढेड़ लाख के लोन में ढाई लाख जमा करना है। तुमन मंडावी ने बताया कि रुपयों की आवश्यकता होने पर लोन लिया। एसबीआई के एजेंट के द्वारा 70 हजार वार्षिक पॉलिसी कर दिया गया। पॉलिसी नही कराने पर बैंक कर्मचारी के द्वारा कई दिनों तक घुमाते रहे, मजबूरीवश न चाहते हुए मुझे पॉलिसी करना पड़ा। 

नुमेश सोनी ने बताया कि पांच लाख रुपये लोन लिया नियमानुसार बैंक ऋण सुरक्षा राशि जो एक बार एकमुश्त राशि जमा करने का प्रावधान है,वे राशि लिया जाना चाहिए, न कि बिना वजह बिना बताए ही पॉलिसी करना गलत है। वही पूछे जाने पर

कर्मचारियों के द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है।


प्रदीप विश्वास,पुरेन्द्र कुलदीप

गिरवर कुलदीप वीरेंद्र सलाम पीड़ितों ने बताया कि लोन लेने के पहले लोन विभाग के कर्मचारी को बताना चाहिए कि लोन लेना है तो पॉलिसी करवाना अनिवार्य होगा, इसी शर्त में आपको लोन दिया जाएगा।  लेकिन एसबीआई          

शाखा भानुप्रतापपुर का लोन नियम अलग है। यहा पर लोन लेने आये मजबूर उपभोक्ताओ को और भी परेशान किया जाता है। पीडित उपभोक्ताओं ने कहा कि व्यवस्था सुधारने एवं संबंधित पर कार्यवाही करने बैंक प्रबंधन से लिखित में शिकायत किये है, वही इसकी शिकायत कलेक्टर व उच्च अधिकारियों के पास भी किये जाने की बात कही है।

इस संबंध में रविन्द्र कुमार शाखा प्रबंधक एसबीआई भानुप्रतापपुर ने कहा कि कुछ उपभोक्ताओं ने लिखित में शिकायत किये है कि लोन के एवज में बीना जानकारी के पॉलिसी किये जा रहे है। चुकि यह पूर्व 2018-19 का मामला है, मेरे यहा आने के बाद एक भी इस तरह का कोई मामला नही आया है,और भविष्य में कभी आएगा। क्योंकि आप लोग है,तभी हम है और हमारा बैंक है।